कन्नौज। सूबे के डिप्टी सीएम भले ही महकमे की बीमारी का इलाज की कवायद में लगे हों, लेकिन विभाग की बीमारी दूर नहीं हो रही है। आलम यह है कि जिला चिकित्सालय में पिछले करीब एक माह से आवश्यक इंजेक्शनों का अभाव है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। इतना जरूर है कि मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन लेकर आने पर मरीजों को जिला अस्पताल में लगवाने के लिए भटकना नहीं पड़ता है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में करीब एक माह से जरूरी इंजेक्शनों का टोटा है। यहां आने वाले मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन लाकर लगवाना होता है। इमरजेंसी वार्ड में रोजाना करीब 80 मरीजों का आना होता है। जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले भी कई बार मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन और महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को भी दवाओं की किल्लत को लेकर पत्र भेजा जा चुका है। पर, अभी तक न ही अस्पताल में दवाओं की खेप आई और न ही कोई जवाब।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि पहले भी कई बार इंजेक्शन व दवाओं की मांग के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को पत्र भेजा जा चुका है। अब इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन की मांग को लेकर सीएसओ को पत्र लिखा गया है।
इन इंजेक्शनों की जरूरत जिम्मेदार भी कर रहे स्वीकार
एविल, डेरिफाईलीन, रेनीटिडीन, पैरासिटामाल, डाईकिलो, ओनडानसेट्रान, डाईसीक्लोमाइन, मेफेंटेरमाइन, सोडाबीकार्ब और एडरेनालाइन इजेंक्शनों की मांग को लेकर सीएमओ को पत्र भेजा गया है।