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सौ शैया अस्पताल से आठ नर्स सहित 10 की सेवा समाप्त

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सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी से वार्ता करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ। नगर के सौ शैया अस्पताल से तीन पुरुष, पांच महिला नर्स सहित दस कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। कार्रवाई की वजह स्टाफ की अधिकता बताई गई है। जैसे ही यह सूचना स्वास्थ्य कर्मियों को मिली तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने सीएमएस के कार्यालय में पहुंचकर सेवा जारी रखने की मांग की। लेकिन उन्होंने सेवा प्रदाता कंपनी में संपर्क करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
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मंगलवार को सौ शैया अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवा प्रदाता कंपनी अवनि परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पत्र भेजा गया। इसमें आउटसोर्सिंग पर तैनात मेल स्टाफ नर्स वीरेंद्र तिवारी, प्रत्यूष त्रिपाठी, विवेक कुमार, अनन्या पांडेय, अंशु तिवारी, मोनिका यादव, सोनाली यादव, प्रीती देवी, ओटी अटेंडेंट अंबुज दीक्षित व प्रवीण कुमार की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया। जैसे ही कर्मचारियों को सेवा समाप्ति होने की जानकारी मिली तो उनमें हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में सभी स्वास्थ्य कर्मी सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी के कार्यालय में पहुंच गए। स्टाफ नर्सों ने रो-रोकर अपनी व्यथा सीएमएस को सुनाई और सेवा जारी कराने की गुहार लगाई। सीएमएस का कहना था कि कर्मचारियों पर यह कार्रवाई उनकी सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्टाफ नर्स व ओटी अटेंडेंट के स्वीकृत पदों की संख्या से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे थे, जिस कारण यह कार्रवाई हुई है।
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अस्पताल के एक कर्मचारी पर लगाया ढाई लाख की वसूली का आरोप
सीएमएस के कार्यालय में उन्हीं के सामने मेल स्टाफ नर्स ने अस्पताल में तैनात एक कर्मचारी पर भर्ती कराने के नाम पर ढाई-ढाई लाख रुपये की वसूली का आरोप लगाया। इस पर अब सीएमएस कमेटी बनाकर जांच कराने की बात कह रहे हैं।
छह माह से नहीं मिला है मानदेय
सौ शैया अस्पताल में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ को पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके बाद भी कर्मचारी लगातार कार्य कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन बजट न मिलने के अभाव में मानदेय न दिए जाने की बात कह रहा है, लेकिन कर्मचारियों का सब्र जवाब देने लगा है। अब अचानक कर्मचारियों को सेवा समाप्त होने का फरमान सुना दिया गया। अब यह कर्मचारी जब अपना बकाया मानदेय मांग रहे हैं तो उनको बजट न होने का हवाला दे दिया गया।
नहीं थे पद तो क्यों भर्ती किए गए कर्मचारी
सौ शैया अस्पताल में आठ मेल व फीमेल स्टाफ नर्स सहित दस कर्मचारियों की सेवा यह कहकर समाप्त कर दी गई कि उनकी संख्या शासन से सृजित पदों से अधिक है। अब सवाल यह उठता है कि जब शासन से अनुमति नहीं थी तो इन कर्मचारियों की भर्ती क्यों की गई, इसका जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है।
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