तिर्वा(कन्नौज)। पशु पालन विभाग राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना से गायों की नस्ल सुधारने का काम करेगा। योजना के तहत उमर्दा ब्लाक की 22 ग्राम पंचायतों के पशुपालकों को लाभान्वित किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान के जरिए हर गांव में 200 दुधारू पशुओं की नस्ल सुधारी जाएगी।
सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत पशु पालकों की आय बढ़ाने का निर्णय लिया है। योजना के माध्यम से पशु पालन विभाग अच्छे से अच्छे सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कर पशुपालकों को अच्छी नस्ल के पशु उपलब्ध कराएगा। उमर्दा ब्लाक में पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए 22 पंचायतों का चयन किया गया है। हर गांव में 200 दुधारू पशुओं की नस्ल सुधारने का लक्ष्य दिया गया है। योजना के तहत जो गाय वर्तमान में 10 लीटर दूध देती हैं, उससे पैदा होने वाली बछिया से 20 लीटर दूध लेना लक्ष्य है। इसके लिए सीमेन नि:शुल्क है। पशुपालक पशुओं का नि:शुल्क गर्भाधान कराकर आय बढ़ा सकते हैं।
डिप्टी सीवीओ डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ना है। इसके साथ ही अच्छे नस्ल के पशुओं का पालन हो सके। बेहतर गुणवत्ता के सीमेन से नर और मादा बच्चे होंगे। गर्भाधान से होने वाले पशुओं की टैगिंग भी कराई जाएगी। इनकी देखभाल पशु पालन विभाग करेगा। विभाग की टीम पशु पालक के घर जाकर पशु का गर्भाधान कराएगी। इसके लिए पशु पालक को कुछ भी खर्च नहीं करना पडे़गा।
उमर्दा ब्लाक के इन गांवों का किया गया चयन
कुढ़िना, सुखी, गूरा, बढ़नपुर वीरहार, पाला, तिलसरा, हंसापुर, कटरा बहसार, भुन्ना, बेहटा, उमर्दा, भदोसी, बलनापुर, करीमनगर, सिकरोरी, बस्ता, फुलवारी, खैरनगर, उमरन, सिमरिया, अगौस व सिंहपुर।