राजकीय मेडिकल कालेज में मंगलवार रात कार्यवाहक प्राचार्य डा. संदीप कौशिक ने इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट सुनील कुमार बिना सूचना के ड्यूटी से गायब मिले। इस पर उन्होंने सीएमएस को संबंधित फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी है। इस दौरान गाइनी वार्ड में भर्ती दो प्रसूताओं ने दो स्टाफ नर्सों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
इस शिकायत पर प्राचार्य ने उनसे स्टाफ नर्सों के नाम पूछे। शिकायतकर्ता किसी का नाम नहीं बता सकी। इस पर कार्यवाहक प्राचार्य ने सीएमएस डा. दिलीप सिंह को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि इस दौरान ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों को लेबर रूम की ड्यूटी से हटा दिया जाए।
प्राचार्य ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात नर्स द्वारा बेहतर इलाज के बदले रुपये मांगने की शिकायत गंभीर है। सीएमएस खुद इसकी जांच करेंगे। यदि रुपये लेने की बात साबित होती है तो दोषी स्टाफ नर्सों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि उनकी इस हरकत से मेडिकल कालेज प्रशासन की छवि खराब होती है।
उन्होंने मरीजों व उनके तीमारदारों से आह्वान किया है कि मेडिकल कालेज में किसी भी कर्मचारी को सुविधाशुल्क न दें। यदि कोई रुपये की मांग करता है तो तत्काल मोबाइल पर या कार्यालय में आकर शिकायत दर्ज करें। ताकि सुविधाशुल्क मांगने वाले कर्मचारियों को दंडित किया जा सके।