कुष्ठ निवारण कार्यक्रम के तहत बुधवार को विनोद दीक्षित चिकित्सालय में कुष्ठ रोगियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्हें सुन्न स्थान की सुरक्षा करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के संचालक मंतोष कुमार महतो व डीएलओ डा. केसी राय, प्रमोद कुमार वर्मा, उमेश चंद्र वर्मा, शकील अहमद ने कुष्ठ रोगियों को जानकारी देते हुए बताया कि हाथ यदि सुन्न हो तो अनजाने में चोट लग सकती है। इसलिए किसी भी काम को करने या कोई औजार चलाने से पहले उसे कपड़े से मजबूत पकड़ें, जिससे चोट न लगने पाए।
इसी तरह गर्म गिलास या अन्य कोई गर्म बर्तन को पकड़ने से पहले कपड़े का प्रयोग करें। सर्दी के मौसम में आग से शरीर को न सेकें। उन्होंने बताया कि रोगी के हाथों और पैरों में सुन्नपन होने के कारण दरारें पड़ जाती हैं। घाव भी हो सकता है। ऐसे स्थान को पानी से बेहतर तरीके से साफ करें, जिससे दरारें न पड़ने पाएं। चमड़ी नर्म पड़ जाने पर उसे साफ करें।
पैरों की मोटी चमड़ी को भिगोने के बाद किसी खुरदरे पत्थर से चमरी को साफ कर नर्म बनाएं। पैरों को बिना पोछे ही तेल लगाएं। ताकि पैरों में अधिक समय तक नमी बनी रहे। कार्यक्रम के बाद अधिकारियों ने एमसीआर रबड़ से बनी चप्पलें, प्लास्टिक का टब व पैरों को साफ करने के लिए झामा, फिंगर कोट इंस्पेंट, टेड़ी मेड़ी उंगलियों को सीधा करने के लिए पालमर क्लंप बांधने की सलाह दी। इस तरह का कई अन्य उपयोगी सामान वितरित भी किया।