अलियापुर गांव के खेत में खड़ी धनिया उखाड़ता किसान।
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कन्नौज/मानीमऊ। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से गंगा और काली नदी उफनाकर कटरी के लोगाें को डराने लगी हैं। दोनों नदियों की बाढ़ से करीब 30 गांवों में 50 हजार से अधिक बीघा खड़ी फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। कासिमपुर, बक्सीपुर्वा और गुलाबपुर्वा में लोगों के कंधों के बराबर पानी भर गया है। इससे पीड़ित गांव खाली करने लगे हैं। गृहस्थी के सामान के साथ मवेशियों को भी ले जा रहे हैं। गंगा और काली नदी के पानी ने करीब 20 गांवों को घेर लिया है।
मंगलवार को गंगा नदी के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय जल आयोग की टीम के मुताबिक 125.700 सेंटीमीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया है। पानी खतरे के निशान 125.970 से 27 सेंटीमीटर दूरी पर है। बक्सीपुर्वा, कासिमपुर और गुलाबपुर्वा, कटरी गंगपुर, कन्नौज कछोहा, दरियापुर चंदई, सलेमपुर रमई, चौधरियापुर कछोहा, कटरी फिरोजपुर, महावली, जलालपुर अमरा, कपूरपुर कटरी, तेरारागी, कटरी अमीनाबाद, कटरी डूगरपुर, दरियापुर पट्टी, गुगरापुर बांगर, सढ़ियापुर बांगर, मिश्रीपुर और बलीदादपुर के किनारे तक पानी पहुंच गया है।
कासिमपुर, बक्सीपुर्वा और गुलाबपुर्वा के हालात बेहद खराब हैं। यहां ग्रामीणों के कंधों के बराबर पानी भर गया है। एडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। फिलहाल खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की संभावना नहीं है। राजस्व टीमें निगरानी कर रही हैं। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों की हर संभव मदद की जाएगी।