बक्सीपुर्वा गांव में चारपाई निकालकर ले जाते ग्रामीण।
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कन्नौज/मानीमऊ। पहाड़ों पर बारिश के चलते नरौरा बांध से गंगा नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा और काली नदी का स्वरूप विकराल होता जा रहा है। कटरी इलाके में पानी घुसने से ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। यह सोमवार को गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से महज 37 सेंटीमीटर दूर है।
नरौरा बांध से अब तक गंगा नदी में 7.74 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। इससे गंगा के साथ-साथ काली नदी उफान पर है। गंगा के मुहाने पर बसे बक्सीपुर्वा, कासिमपुर्वा और गुलाबपुर्वा गांव में पानी घुस गया है। रविवार से सोमवार तक गंगा नदी के जलस्तर में 24 सेंटीमीटर बढ़ोतरी हुई है। सोमवार शाम चार बजे केंद्रीय जल आयोग की टीम के मुताबिक 125.600 सेंटीमीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया। पानी खतरे के निशान 125.970 से महज 37 सेंटीमीटर दूर है।
सोमवार को गंगा के मुहाने पर बसे कासिमपुर, बक्सीपुर्वा और गुलाबपुर्वा गांव के अंदर भरे पानी से लोगों का जीना दूभर हो गया। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से कटरी गंगपुर, कटरी कासिमपुर, कन्नौज कछोहा, दरियापुर चंदई, सलेमपुर रमई, चौधरियापुर कछोहा, कटरी फिरोजपुर, महाबली, जलालपुर अमरा, कपूरपुर कटरी, तेरारागी, कटरी अमीनाबाद, कटरी डूगरपुर, दरियापुर पट्टी, गुगरापुर बांगर, सढ़ियापुर बांगर, मिश्रीपुर और बलीदादपुर के ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। यह गृहस्थी समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे हैं। एडीएम गजेंद्र सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों और राजस्व टीमों से सचेत रहने के लिए कहा है।