संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। सौरिख थाना क्षेत्र के नैनपुरवा गांव में नौ साल पहले अनुसूचित जाति के भाई बहनों के पीटने के चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। चारों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने चारों पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पीड़ित भाई-बहन को प्रतिकर के रूप में डेढ़ माह के अंदर 16 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। चारों दोषियों काे हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया गया। दलित उत्पीड़न का यह मामला 18 जनवरी 2015 का है।
शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडेय ने बताया कि सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम नैनपुरवा निवासी चंदन जाटव ने सौरिख थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसके मुताबिक 18 जनवरी की दोपहर 12 बजे घर में खाना खा रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के तहत गांव के ही मदन यादव , विपिन यादव, मंगल यादव व दिनेश यादव घर आए और जातिसूचक अपशब्द कहे। विरोध करने पर चारों ने उसकी पिटाई की। बहन विनीता बचाने आई तो उसे भी पीटा। घर की दीवार तोड़ दी और बिजली की वायरिंग उखाड़ दी। सोलर प्लेट, गेट का जाल व संदूक भी तोड़ दिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इसकी विवेचना छिबरामऊ सीओ ने की। सीओ ने जांच के बाद चारों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने आठ गवाह पेश किए। इसी की सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) नंदकुमार ने आरोपी मदन यादव, विपिन, मंगल व दिनेश को दोषी करार दिया।
सुनाई गई सजा
जज ने चारों दोषियों को घर में घुसकर मारपीट करने पर तीन-तीन वर्ष कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना, मारपीट करने पर छह-छह माह की कैद, गालियां देने पर एक-एक साल की कैद, आर्थिक नुकसान करने पर छह-छह माह की कैद व एससी-एसटी एक्ट में तीन-तीन साल की कैद व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जान से मारने की धमकी देने के आरोप में बरी किया है।