उमर्दा विकास खंड के गांव में अन्ना जानवरों के फसल नष्ट करने के बाद खेत में बचे डंठल।
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जिले में इन दिन अन्ना जानवरों का आतंक फैला हुआ है। किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। इसके बावजूद झपकी आ जाने पर अन्ना जानवर फसल चट कर जाते हैं।
किसान बछड़े बड़े होने के बाद उनको खुला छोड़ देते हैं। इसके अलावा जो गाय दूध देना बंद कर देती है या बच्चा नहीं रुकता है, उसे भी छोड़ देते हैं। यह अन्ना जानवर खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट करते हैं। जानवरों की रखवाली के लिए किसान खेत के आसपास ही सोने को विवश हैं।
कई क्षेत्रों में बदमाशों की चहलकदमी के कारण किसान खेतों पर नहीं सो पाते। जिसका फायदा भी यह अन्ना जानवर उठाते हैं। मिरुअन मढ़हा गांव के किसान गुड्डू सिंह की 15 बीघे फसल जानवरों ने बर्बाद कर दी।
जिला कृषि अधिकारी नीरज कटियार का कहना था कि अन्ना जानवरों के फसल नष्ट करने के बाद किसान के नुकसान की भरपाई के लिए कृषि विभाग में किसी तरह की योजना नहीं है। किसान के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता है।