गर्मी और मच्छरों के प्रकोप से लोग परेशान हैं। मलेरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। मलेरिया के 11 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं लगभग एक सौ से अधिक लोगों में टायफाइड भी पाया गया है। डेंगू और चिकनगुनिया का मरीज न मिलने से राहत है। शासन ने प्रत्येक माह की 21 तारीख को मरीजों का डाटा और उनके उपचार की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से अब तक जिला अस्पताल और ब्लाक स्तर के अस्पतालों में मलेरिया के लक्षणों की शंका पर आठ हजार 617 मरीजों की स्लाइड तैयार की गई। इसमें से 11 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। फिलहाल ये आंकड़े सरकारी हैं। निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों से विभाग अनजान है और इससे भी अधिक पीड़ित मरीजों के होने के कयास लगाए जा रहे है। मलेरिया से पीड़ित अधिकतर मरीज ग्रामीण इलाकों के पाए गए हैं। शासन ने चिकित्सा अधिकारियों को प्रतिदिन मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी जालनेवा बीमारियों की रिपोर्टिंग के सख्त निर्देश दिए हैं। इन बीमारियों से निपटने के लिए शासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में प्रत्येक माह की 21 तारीख को डेंगू और चिकनगुनिया समेत मलेरिया के मरीजों के नाम पते व उनके इलाज की ब्यौरा भेजा जाएगा।
बोले जिम्मेदार
संक्रामक रोगों से निपटने के लिए विभाग द्वारा मुकम्मल तैयारी की गई है। गर्मियों में संक्रामक रोग फैलने लगते हैं। इनसे बचने के लिए रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें, गंदगी से दूर रहने के साथ दूषित पानी व भोजन का प्रयोग न करें। बुखार आने के 24 घंटे के अंदर नजदीक के अस्पताल पहुंच कर परीक्षण कराने के साथ परामर्श लें।- डा. एके पचौरी (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कन्नौज)