चपुन्ना। हाल में प्रदेश सरकार के कैबिनेट विस्तार में ऊर्जा राज्यमंत्री बनाए गए विधायक कैलाश राजपूत के विधानसभा क्षेत्र के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री समेत ऊर्जा मंत्री ने भीषण गर्मी को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति के कड़े निर्देश दिए हैं लेकिन कन्नौज जिले के सौरिख पावर हाउस की व्यवस्था इन आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। क्षेत्र में लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से करीब 170 गांवों के लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि घोषित रोस्टिंग के बावजूद तय समय पर भी सुचारू बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बिजली संकट का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ रहा है। इस समय खेतों में मक्का, उड़द, मूंग और मूंगफली की फसलें तैयार हो रही हैं, जिन्हें समय पर सिंचाई की जरूरत है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे फसलें सूखने लगी हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
वहीं लो-वोल्टेज की समस्या इतनी गंभीर है कि घरेलू उपकरण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं और लोग भीषण गर्मी में राहत नहीं पा रहे। कई दिनों से बनी इस स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रोस्टिंग व्यवस्था में सुधार और पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली न मिलने की मांग को लेकर किसी भी दिन किसान आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं। अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि सौरिख क्षेत्र में हो रही कटौती के संबंध में पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही कटौती बंद कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
इन गांवों के लोग हैं प्रभावित
बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या से सौरिख, खड़िनी, ककरैया, गाढ़ियापाह, चपुन्ना, मुर्रा, बैगवां, कुतुबपुर, नहिला, आलूपुर, जारिहापुर, शिवसिंहपुर, तरींद, तुर्कपुर और चिकनपुर समेत करीब 170 गांव इस संकट से प्रभावित हैं।