जिले में फाइलेरिया दिवस 15 से 20 दिसंबर तक चलेगा।
इस दौरान सभी को फाइलेरिया की दवा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। सीएमओ डा. पीएन
वाजपेयी ने बताया कि फाइलेरिया रोग उन्मूलन को सार्वजनिक दवा सेवन का
अभियान चलाया जाएगा।
कहा कि मच्छर के काटने से यह रोग दूसरों को भी
संक्रमित कर सकता है। दवा की खुराक वर्ष में एक बार पांच-छह वर्ष तक खाने
पर लोग कभी भी इस रोग की चपेट में आने से बच सकते हैं। बताया कि दो से पांच
वर्ष तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम एक गोली डीईसी, 400 मिली ग्राम
एलवेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।
इसी तरह छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को
200 मिलीग्राम दो गोली डीईसी और 400 मिलीग्राम एक गोली एलवेंडाजोल की खिलाई
जाएगी। इसी तरह 15 वर्ष या इससे अधिक उम्र वालों को 300 एमएल डीईसी तीन
गोली और 400 मिलीग्राम एलवेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया
कि फाइलेरिया दिवस के मौके पर दवा खिलाने के दौरान सावधानियां भी बरती
जाएंगी। यह गोलियां दो वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं
और गंभीर रूप से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। इसी तरह खाली
पेट दवा नहीं खाएं। कुछ नाश्ता करने के बाद ही दवा खिलाई जाए।
एलवेंडाजोल
गोली का सेवन कराने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिसे यह गोली
खिलाई जानी है उसने कम से कम छह महीने तक इस गोली का सेवन न किया हो। बताया
कि खून में फाइलेरिया परजीवी हैं या नहीं, इसकी जांच को रात में रक्त
परीक्षण नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ता से कराएं।
इसके
परजीवी रक्त परिधि (हाथपैर) में रात्रि में ही दिखाई देते हैं। दवा खिलाने
के दौरान राष्ट्रीय नेशनल प्रोग्राम आफीसर डा. कौशल कुमार व स्टेट आब्जर्बर
डा. वीवी मिश्रा निरीक्षण करेंगे। कार्यक्रम में एएनएम, आंगनबाड़ी
कार्यकत्री व आशा बहू को लगाया गया है।