विकास खंड गुगरापुर में बिजली विभाग की लापरवाही से
क्षेत्रवासियों को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इससे
किसानों व छात्र-छात्राओं में नाराजगी व्याप्त है।
गुगरापुर-संयोगिता
मार्ग के विद्युत उप केंद्र में पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। इससे
तीन फीडर चियासर, गुगरापुर व कुासुमखोर संचालित हैं। तीनों फीडर एक साथ
चालू होने पर लोड बढ़ जाता है। ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मर फुंकने का खतरा
पैदा हो जाता है, जिससे जब चियासर व गुगरापुर को बिजली दी जाती है तो
कुसुमखोर फीडर बंद रहता है, वहीं जब कुसुमखोर को आपूर्ति दी जाती है तो
उक्त दोनों फीडरों की आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है
कि सात माह पहले पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर यहां लगाने के लिए भेजा गया
था, को स्थापित कर चालू नहीं किया गया है, वहीं इस ट्रांसफार्मर के साथ आईं
सामग्री तालग्राम सब स्टेशन पर भेजी जा चुकी है। इससे ग्रामीणों को
पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं मिल पाती है।
जेई अजयपाल गौतम व
लाइनमैन पिंटू के अनुसार, इस समय गुगरापुर सब स्टेशन को 21 घंटा आपूर्ति
मिल रही है। इससे सुबह सात से लेकर दोपहर एक बजे तक तीन घंटे
चियासर-गुगरापुर व तीन घंटे कुसुमखोर फीडर को बिजली दी जा रही है। शाम चार
से आठ बजे के दौरान दो-दो घंटे आपूर्ति दोनों क्षेत्रों को दी जाती है।
रात
के वक्त लोड कम होने पर दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है। इसके
अलावा लोकल फाल्ट से भी आपूर्ति बाधित रहती है। उधर, किसान सराय के हरिओम
तिवारी, गुगरापुर के शिवकंठ दीक्षित, बल्लपुरवा के कृष्ण कुमार पांडेय,
राजूपुर के अब्दुल वकील आदि का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल में पानी
लगाने की जरूरत पड़ रही है, पर आपूर्ति सही ढंग से न मिलने से सिंचाई की
समस्या उत्पन्न होती है।
बोर्ड परीक्षार्थी अनुराधा, रोली, पूजा यादव,
प्रिया मिश्रा और शिखा का कहना है कि बिजली की कटौती से पढ़ाई में व्यवधान
होता है। कहा कि मजबूरी में लालटेन या दीये की रोशनी का सहारा लेना
पड़ता है। विद्युत विभाग का रवैया लापरवाह है, जिसका खामियाजा भुगत रहे
हैं।
उन्होंने डीएम से बिजली उप केंद्र पर रखे ट्रांसफार्मर को शीघ्र चालू
कराने की मांग की है। उधर, ब्लाक प्रमुख रूपा यादव का कहना है कि वह समस्या
के समाधान के लिए एक्सईएन विद्युत से वार्ता करेंगी। ट्रांसफार्मर से जल्द
जलापूर्ति कराने का प्रयास किया जाएगा।