कन्नौज। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाली दिव्यांग बेटियों के लिए खुशखबरी है। दिव्यांग बेटियों को सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार 200 रुपये प्रतिमाह देने जा रही है। यह धनराशि बेटियों को अधिकतम 10 माह तक मिलेगी, जो बेटियों के माता-पिता के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
जिले में परिषदीय विद्यालयों में 1900 दिव्यांग छात्र अध्ययनरत हैं। इनमें 40 फीसदी दिव्यांग छात्राएं हैं। दिव्यांग छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने में योजना से मदद मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसमें पारदर्शिता और निगरानी के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। प्रेरणा, समर्थ और पीएफएमएस पोर्टल (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) के माध्यम सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांग छात्राओं के पास किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना चाहिए। सभी भुगतान 30 सितंबर तक हर हाल में पूरे करने होंगे। हर बिल और भुगतान का लेखा-जोखा सघन निगरानी में रखा जाएगा।
पात्रता की जांच जिला स्तर पर बनी चार सदस्यीय समिति द्वारा की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता बीएसए करेंगे। समिति द्वारा अंतिम सूची तैयार कर उसे डिजिटल सत्यापन के बाद पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि दिव्यांग छात्राओं को सरकार की ओर से 200 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह धनराशि दिव्यांग छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
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