कन्नौज। शहर से सटे सदिकापुर गांव में नाले के पानी के जलभराव से नरक जैसे हालात बन गए हैं। यह समस्या दशकों पुरानी है, जिसका अभी तक समाधान नहीं निकला है। गंदे पानी की निकासी न होने से सड़कें और खेत पानी में डूबे हुए हैं। उधर, ग्रामीण अपने घरों से खेतों तक जाने के लिए दो किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर हैं। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही को इस बदहाली का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
शेखाना मोहल्ले से आने वाले गंदे नाले का पानी सदिकापुर गांव में भर जाता है। निकासी की उचित व्यवस्था न होने से गांव के मुख्य मार्गों और खेतों में जलभराव बना है। किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए घुटनों तक पानी से गुजरना पड़ता है। जलभराव के कारण सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। इन पर गिरकर ग्रामीण चुटहिल हो रहे हैं। गंदे पानी से फसलें डूब रही हैं और बीमारियों के फैलने की आशंका है। ग्रामीण अपने घरों से खेतों तक जाने के लिए दो किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर हैं। बच्चों ने खेतों की ओर जाना छोड़ दिया है।
खेत 500 मीटर, दौड़ लगा रहे दो किलोमीटर
सदिकापुर के ग्रामीण इन दिनों इतना परेशान हैं कि घर से खेत की दूरी मुश्किल से 500 मीटर होगी, लेकिन गंदे पानी से बचकर जाने के लिए उन्हें दो किलो मीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसी के चलते अधिकांश गांव के बच्चों ने खेतों तक जाना ही छोड़ दिया है।
फोटो :11: प्रभुदयाल।
हर स्तर पर शिकायत की
गांव के रहने वाले प्रभुदयाल बताते हैं कि नाले के पानी से हो रही समस्या को लेकर हर स्तर पर शिकायत की गई। अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों के सामने दुखड़ा सुनाया गया, पर अभी तक कोई हल नहीं निकला।
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फोटो:12: नंद किशोर।
खड़ा हो सकता बड़ा संकट
गांव के नंद किशोर बताते हैं सड़कों से लेकर खेतों तक में नाले का गंदा पानी भर हुआ है। जलभराव होने से सड़क की भी स्थिति खराब हो रही है। निकासी के अभाव में हालत बदतर होते जा रहे हैं। जल्द समाधान न हुआ तो किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
फोटो :14: विवेक पटेल।
गांव में आई बेमौसम बाढ़
गांव के ही रहने वाले विवेक पटेल कहते हैं कि शेखाना मोहल्ले से आने वाले नाले का पानी सदिकापुर के लिए आफत है। इस वक्त हालात ऐसे हैं कि मानों गांव में बाढ़ आ गई है। समस्या दिनों दिन बड़ी होती जा रही है, पर समाधान नहीं हो रहा।
बोले प्रधान
फोटो:15: विकास बाबू कनौजिया।
सदिकापुर गांव में पानी के निकासी का इंतजार कभी कम होता नजर नहीं आ रहा है। गांव की गलियों में नाले का पानी भर जाता है। इसका समाधान निकालने के लिए जिला के अफसरों से लेकर लखनऊ तक की दौड़ लगा चुके है पर हल नहीं निकला। पक्के नाले का प्रस्ताव बनवाकर प्रशासन को दिया जा चुका है पर अभी तक कुछ भी काम आगे नहीं बढ़ सका है।
-विकास बाबू कनौजिया, ग्राम प्रधान