तिर्वा। तहसील के समीप स्थित एक तालाब की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाते हुए आसपास के गांवों की महिलाओं ने रविवार को प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने कन्नौज-तिर्वा मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के चलते 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया।
महिलाओं का आरोप है कि कुछ लोग तालाब की जमीन पर मिट्टी भरकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही हरिहरपुर, बहादुरपुर आदि गांवों की महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और विरोध जताते हुए सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि तालाब में आसपास के कई गांवों का वर्षा का पानी एकत्रित होता है। यदि तालाब को पाट दिया गया तो बारिश के दौरान गांवों में जलभराव की गंभीर समस्या हो जाएगी।
महिलाओं का कहना है कि जमीन ग्रामसभा की है। कब्जाधारियों द्वारा वास्तविक सीमा से अधिक भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिसमें तालाब का क्षेत्र भी शामिल है। सूचना पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि मौके पर खातेदारों की जमीन है। लगातार आसपास भराव के कारण गहरा गड्ढा बन गया था। सरकारी दस्तावेजों में तालाब दर्ज नहीं है। अवैध कब्जे का आरोप बेबुनियाद है। इसके साथ ही मिट्टी भराव के काम को रोक दिया गया है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।