पीड़ित ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम में मजदूरी करता था। वहां से जब वह घर लौट रहा था तो रास्ते में बदमाशों ने उसका मोबाइल व रुपये छीन लिए। इस कारण वह पैदल ही गांव के चल दिया। मोबाइल में परिजनों के नंबर थे। इस वजह से परिजनों से संपर्क टूट गया।
रास्ते में कई जगह लोगों को बताया तो उसकी किसी ने मदद नहीं की। रामजी ने तत्काल बस्ती जिले के एसपी अभिनंदन को घटना की जानकारी दी। एसपी ने दुबौला चौकी प्रभारी राकेश मिश्रा को अजय कुमार के घर भेजा और मां से रामजी के मोबाइल पर वीडियो कॉल पर बात कराई। बेटे को सही सलामत देख मां की आंखों में आंसू आ गए।
हमार बेटवा मिला दीहिन, भगवान आपको सलामत रखे...
अजय कुमार की मां ने बेटे को देखा तो वह भावुक होकर बोलीं- हमार बेटवा मिला दीहिन, भगवान आपको सलामत रखे...। उन्होंने ग्राम प्रधान मनोज कुमार से भी बात की। ढाबा संचालक ने रात में अपने यहां शरण दी और सुबह किराया देकर रोडवेज बस से बस्ती जिले के लिए भेज दिया। इस घटना से लगा कि आज भी मानवता जीवित है। ढाबा संचालक ने परिजनों से बिछड़े युवक को मिलाकर संतोष व्यक्त किया।