कन्नौज। सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता को लेकर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने गुरुवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में अध्यादेश लाकर इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की गई।
शिक्षकों ने ज्ञापन में बताया कि इससे देशभर के 40 लाख शिक्षक परिवार प्रभावित होंगे। इनमें चार लाख शिक्षक उत्तर प्रदेश के हैं। एनसीटीई की गाइड लाइन एवं अधिसूचना के अनुसार कोई भी सेवारत शिक्षक पात्रता परीक्षा देने की शर्तों को पूरा नहीं करता है। इस कारण परीक्षा के लिए योग्य नहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों को नौकरी जाने का भय सता रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, कौशलेंद्र सिंह, अरविंद राजपूत, प्रभात दुबे, घनश्याम दास, राधा पांडेय, प्रमोद कुमार, आलोक चतुर्वेदी, राकेशचंद्र आदि मौजूद रहे।