पड़ोसी से चल रहे विवाद को लेकर एक अधेड़ मानीमऊ चौकी पहुंचा, जहां उसकी हालत बिगड़ गई। वह बाहर पड़े तख्त पर लेट गया और ही देर बाद उसकी मौत हो गई। चौकी पुलिस ने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव परिजनों को सौंप दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव आनंदीपुरवा निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र का छह माह पहले पड़ोसी से विवाद हो गया था। जिसका सदर कोतवाली में मामला दर्ज हैं। विवाद के बाद वह बाहर चला गया था। इधर, दोनों पक्षों में कहासुनी जारी रही। सात दिन पूर्व गांव लौटने के बाद शुक्रवार को वह साइकिल सेे मानीमऊ पुलिस चौकी पहुंचा। चौकी प्रभारी के न मिलने वह चौकी से लगी चाय की दुकान के बाहर पड़ेे तख्त पर लेट गया। दोपहर करीब 12 बजे अचानक उसके पेट में दर्द होने लगा और उसकी मौत हो गई।
स्थानीय दुकानदारों ने इसकी जानकारी चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों को दी। अधेड़ को शव को पुलिस जिला अस्पताल ले गई। जहां उसकी पत्नी को पुलिसकर्मियों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव सौंप दिया। मृतक की पत्नी रामदुलारी ने बताया कि उसकी पति की पड़ोसी से मारपीट हो गई थी। तब से वह बाहर चले गए थे। सात दिन पूर्व घर लौटने के बाद चौकी गए थे। वहां उनकी मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी नहीं है। चौकी प्रभारी ने बताया कि चौकी के पास चाय की दुकान पर एक अधेड़ की मौत हो गई थी। परिजनों द्वारा कानूनी कार्रवाई न करने का प्रार्थना पत्र लेने के बाद शव सौंप दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
कन्नौज। फरियाद लेकर चौकी पहुंचे राजेंद्र की मौत के मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराना क्यों जरूरी नहीं समझा, ये किसी के गले नहीं उतर रहा। दबे जुबान से लोग कह भी रहे हैं कि राजेंद्र की मौत पेट में दर्द से हुई या फिर उसने विवाद के चलते परेशान उठाकर कोई कदम उठाया, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम होने पर हो सकती थी। कुछ लोग लू से मौत होने की बात भी कह रहे हैं।