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जेल में फंदे से लटका मिला शव

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रोते बिलखते बंदी के परिजन। - फोटो : KANNAUJ
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जलालाबाद(कन्नौज)। स्वतंत्रता दिवस पर जिला जेल में छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के बंदी का शव लटकता मिला। जानकारी पर जेल में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने विरोधी से मिलकर रुपये के बल पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों के सामने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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गुरसहायगंज कोतवाली इलाके के गांव गड़रियनपुरवा का जोगराज पाल(35) तीन जुलाई से जेल में निरुद्ध था। बैरक संख्या 16 में रखा गया था। पंद्रह अगस्त की दोपहर लगभग पौने एक बजे पता चला कि जोगराज ने किशोर बैरक के पीछे कृषि फार्म की तरफ नीम के पेड़ पर फांसी लगा ली। जेल वार्डर प्रभू दयाल सिंह ने फांसी पर लटकने की जानकारी जेल अधीक्षक को दी। जेल के डॉक्टर श्रीकृष्ण ने मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि फांसी लगाकर मौत की जानकारी बंदी के परिजनों को दी है। स्वतंत्रता दिवस पर सभी के व्यस्त होने का फायदा बंदी ने उठा लिया। परिजनों के सामने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जांच के बाद बैरक में ड्यूटी कर रहे बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जोगराज के परिवार में पत्नी ममता, मां कुसुमा देवी, तीन नाबालिग बच्चे हैं। उसे छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में निरुद्ध किया गया था।
जोगराज की जेब से तलाशी में पत्र मिला है। इसमें जमानत न होने से परेशानी का जिक्र था। वेबसाइट में तारीख शो न होने, जमानत के लिए दिक्कत आदि का जिक्र है। गुरसहायगंज थानेदार टीपी वर्मा ने बताया कि जोगराज पढ़ा लिखा नहीं था। उसने किसी से लिखवाया था। इस पर्ची को वह मिलाई करने वालों को देना चाहता होगा। इसे सुसाइड नोट नहीं कहा जा सकता है।
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