बीएसए कार्यालय पहुंचकर एंटी करप्शन टीम ने पड़ताल की। संवाद
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कन्नौज। रंगे हाथ रिश्वत लेते समय वरिष्ठ लिपिक की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की विवेचना शुरू की। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय अचानक पहुंची टीम को देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए। इस दौरान टीम ने अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज कर नक्शा तैयार किया।
बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक बलवीर सिंह यादव ने एरियर निकालने के नाम पर 18 अप्रैल को शिक्षक उत्कर्ष कटियार से 10 हजार रुपये रिश्वत के लिए थे। इस दौरान एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ घूस लेते समय बलवीर सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को एंटी करप्शन टीम कानपुर के निरीक्षक आरपी सिंह और लक्ष्मण सिंह विवेचना करने के लिए बीएसए कार्यालय पहुंचे।
टीम को देखकर अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संगीता के बयान दर्ज करने के लिए स्टाफ से जानकारी की तो वे नहीं मिलीं। फोन पर भी संपर्क नहीं हुआ। उसके बाद वहां के कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। पीड़ित शिक्षक उत्कर्ष कटियार के भी बयान लिए गए। उसने बताया कि 10 हजार रुपये किस कमरे में कैसे दिए। टीम कहां पर थी और बाबू को किस तरह पकड़ा गया इसकी पूरी जानकारी दी। निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि लिपिक के रिश्वत लेने के मामले की विवेचना में साक्ष्य संकलन की कार्रवाई शुरू की गई है। बीएसए के न मिलने पर उनके बयान दर्ज नहीं हो सके।
विकास भवन में भी दस्तक, दो सरकारी गवाहों से बयान लिए
डीएम राकेश मिश्र ने एंटी करप्शन टीम के साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार व जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी को 18 अप्रैल को गवाह के तौर पर बीएसए दफ्तर भेजा था। टीम के निरीक्षक आरपी सिंह ने विकास भवन में पहुंचकर दोनों ही अधिकारियों के बयान दर्ज किए।