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एक आरोपी ने किया आत्मसमर्पण, दूसरे को मिला स्टे

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हसेरन। लगभग एक माह से गायब मजदूर हरिमोहन प्रकरण के एक आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि दूसरे आरोपी गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय रोक लगा दी है। वहीं गायब मजदूर की खोजबीन के लिए एसओजी ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। कई लोगों को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की।
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बताते चले कि नादेमऊ निवासी हरिमोहन मजदूरी कर जीवन यापन करता है। एक नवंबर को मौरंग गिट्टी व्यवसायी बबलू निवासी बलिदासपुर ने हरिमोहन पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई की थी। बाद में चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसके बाद हरिमोहन अचानक गायब हो गया। हरिमोहन की मां मीरा देवी ने 15 नवंबर को डीएम राकेश कुमार मिश्रा व एसपी प्रशांत वर्मा से शिकायत की। अफसरों के आदेश पर पुलिस ने मौरंग विक्रेता बबलू व तालग्राम थाना क्षेत्र के रसूलाबाद गांव निवासी बबलू के खिलाफ अपहरण का मुकदमा पंजीकृत कर हरिमोहन की तलाश शुरू कर दी थी। एक माह से अधिक का समय बीत जाने के जाने बाद भी पुलिस व एसओजी हरिमोहन का सुराग नहीं लगा सकी है।
उधर दूसरी तरफ पुलिस के दबाव के चलते रसूलाबाद गांव निवासी बबलू ने शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि मौरंग विक्रेता बबलू ने न्यायालय की शरण ले ली। न्यायालय से उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। एक आरोपी के सरेंडर होने और दूसरे को स्टे मिलने के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी। एसओजी ने परिजनों से बंद कमरे में कई घंटे तक वार्ता की। उसके बाद कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि पुलिस अभी भी गायब हरिमोहन तक नहीं पहुंच सकी है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक मदनगोपाल गुप्ता ने बताया कि सरेंडर करने वाले आरोपी बबलू को शीघ्र ही रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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