तिर्वा। चीन से आने वाले पक्षियों में कोरोना वायरस हो सकता है। सतर्कता ही इससे बचाव का आसान तरीका है। यह बातें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों से कहीं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को कोरोना वायरस विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने कहा कि कोरोना खतरनाक वायरस है। यह देश में चिंता का विषय बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वायरस को लेकर चेतावनी जारी की है। इस वायरस का प्रकोप चीन में देखने को मिल रहा है। वुहान में 300 से अधिक लोगों की इस वायरस की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। 14 हजार से अधिक लोग इस वायरस से प्रभावित हैं। जो लोग चीन से वापस आ रहे हैं, उनकी एयरपोर्ट पर जांच कराई जा रही है।
चीन से उड़कर आने वाले पक्षी अन्य देशों में वायरस फैला सकते हैं। यह चमगादड़ के मांस से भी फैल रहा है। कोरोना वायरस से निमोनिया, खांसी, सिरदर्द, बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, थकान, गले में खराश, बलगम, फेफड़ों में संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ होती है। कुछ ही समय में बीमारी गंभीर हालत तक पहुंच जाती है। इससे मनुष्य की मौत हो जाती है।
अभी तक इसके कुप्रभाव से बचने का उपाय नहीं मिल पाया है। प्रत्येक कार्य करने के बाद हाथों को साफ कर लेना चाहिए। मरीज का चेकअप करते समय मास्क का प्रयोग करें। बिना मास्क लगाए किसी भी मरीज का चेकअप न करें। मौके पर डॉ. संजीव त्रिपाठी, डॉ. संदीप कौशिक, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. किरन समेत अन्य डॉक्टर व छात्र मौजूद रहे।