तालग्राम। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का ट्रांसफार्मर फुंकने से 24 घंटे से अस्पताल की बत्ती गुल है। बिजली न होने से मरीजों और अस्पताल स्टाफ को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों में भर्ती मरीज उमस से बेहाल दिखाई दिए, वहीं जांच और इलाज भी प्रभावित है।
अस्पताल कर्मचारियों के अनुसार सोमवार शाम ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इसकी सूचना जेई और एसडीओ को दे दी गई है पर ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। बत्ती न होने से पानी की आपूर्ति, पंखे और अन्य जरूरी उपकरण बंद पड़े हैं। मरीजों के तीमारदार भी पूरी रात परेशान रहे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन्वर्टर और जनरेटर का इस्तेमाल किया गया। कर्मचारियों आवासों की बिजली गुल होने से डाक्टर और स्टाफ को दिक्कतें हो रही है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया कि एसडीओ को ट्रांसफार्मर खराब होने की लिखित शिकायत की गई है। 25 की जगह उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर रखवाने की मांग की गई है। एसडीओ अगस्त्य मौर्या का कहना है कि स्टीमेट बनाकर कर भेज दिया गया है। बुधवार तक ट्रांसफार्मर बदल कर आपूर्ति बहाल करा दी जाएंगी।
ऊर्जा मंत्री से विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने जाने की मांग
विशुनगढ़। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है जबकि गांवों में आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
कस्बे निवासी रामकिशोर सक्सेना, अख्तर हुसैन, डॉ. करन सिंह बंगाली आदि ग्रामीणों ने बताया कि दिन और रात में बार-बार बिजली जाने से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि समय पर पानी न मिलने से फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। वहीं उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का हाल बेहाल है। मंगलवार को ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत से बिजली कटौती पर रोक लगाकर नियमित आपूर्ति दिलवाने की मांग की है।