ब्लाक प्रमुख पद का चुनाव संपन्न कराने को जिला
प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्लाक प्रमुख
पद के निर्वाचन में वोटर लिस्ट फोटो युक्त तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
यानि ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के इतिहास में पहली बार मतदाता के नाम के
आगे वोटर लिस्ट में उसकी फोटो भी लगेगी।
चाहे महिला हो या पुरुष बीडीसी,
सभी की पहचान अबकी फोटो से हो सकेगी। कलक्ट्रेट स्थित पंचास्थानीय चुनाव
कार्यालय में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की फोटो को नेट पर अपलोड करने की
कवायद शुरू हो गई है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार ने बताया
कि नामांकन पत्र के साथ में सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने फोटो लगाई थी।
उसी फोटो को संकलित कर अपलोड करने के लिए कर्मचारी लगा दिए गए हैं। ब्लाक
प्रमुख का कार्यकाल 17 मार्च को समाप्त होगा। इसके पहले ही आठों विकास खंड
में ब्लाक प्रमुख पद का चुनाव संपन्न करा लिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो
शासन तक शिकायतें पहुंची हैं कि ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के दौरान बाहुबल व
धनबल का इस्तेमाल हो सकता है।
कुछ अनाधिकृत लोग भी जीत के प्रमाणपत्र के
साथ वोट डालने पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में फर्जी वोट पड़ने से बचाने को
फोटो युक्त वोटर लिस्ट तैयार करने का कदम उठाया गया है, ताकि बीडीसी के
स्थान पर अन्य कोई भी व्यक्ति वोट डालने की कोशिश में कामयाब न हो सके।
वोट
डालने वाले का वोटर लिस्ट में दर्ज फोटो से चेहरे का मिलान किया जाएगा।
इसी महीने फोटो अपलोड करने का कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा,
ताकि शासन से ब्लाक प्रमुख पद की अधिसूचना जारी होने से पहले आठ विकास
खंडों के 682 बीडीसी वोटरों की फोटोयुक्त मतदाता सूची पूरी हो सके।
उधर,
ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के दौरान धनबल व बाहुबल के इस्तेमाल को कन्नौज
खासा चर्चित है। सरकार जिस पार्टी की होती है उसी के ब्लाक प्रमुखों का
बोलबाला होता है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान इन ब्लाकों में
मारपीट, फायरिंग व मुकदमेबाजी तक की घटनाएं बीते चुनावों में होती रही हैं।
कहीं फर्जी वोटिंग तो कहीं दूसरे व्यक्ति द्वारा वोट डालने की शिकायतें
विवाद का कारण बनती हैं। राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि फोटो युक्त
बीडीसी की मतदाता सूची से फर्जी मतदान व अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा वोट डाल
लेने जैसे मामलों पर अंकुश लगेगा।