जलालाबाद। दो साल पहले ग्रामीणों के सहयोग से किसान के खेत में लगाई गई आंबेडकर मूर्ति को हटाने को लेकर दो पक्षों में तनाव बढ़ गया। इसकी जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद गांव में किसी अन्य स्थान पर मूर्ति फिर स्थापित करने पर सहमति बनी।
गुरसहायगंज कोतवाली की जसोदा चौकी क्षेत्र के गांव तरपुरवा में दो साल पहले ग्रामीणों ने आपसी में चंदा जुटाकर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति अनुमति के बाद सहमति के आधार स्थापित की थी। मूर्ति गांव के किसान मलिखान के खेत में स्थापित थी। इसमें कुछ सहयोग राशि बकाया रह गई थी। इसका भुगतान मलिखान ने किया था। वह कई दिनों से बकाया धनराशि ग्रामीणों से मांग रहे थे। रविवार केे उसने भुगतान न होने पर मूर्ति हटाने का फैसला ले लिया।
एक ग्रामीण ने इस मूर्ति को अपने ननिहाल में स्थापित कराने के लिए ट्रैक्टर ट्राली से रिश्तेदारों को बुला लिया। मूर्ति को उखाड़ते ही गांव के अन्य लोग आक्रोशित हो उठे और विरोध करने लगे। इससे तनाव बढ़ गया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और मूर्ति किसी अन्य जगह स्थापित करने की सहमति बनी। कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि मामला शांत करा दिया गया है।