कन्नौज। पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस मौके पर शहर के मेहंदी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। गैर राज्यों से आने वाले गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर मेले में खरीदारी करते हैं। गंगा मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम ने मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घाट का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र, एसपी प्रशांत वर्मा, एडीएम गजेंद्र कुमार और एसडीएम उमाकांत तिवारी ने मंगलवार दोपहर मेहंदी घाट का दौरा किया। डीएम ने 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान और मेले की तैयारियों का जायजा लिया। डीएम ने गंगा के दोनों ओर घाटों पर साफ सफाई के लिए कहा। महिला स्नानार्थियों की सुविधा के लिए स्थायी वस्त्र धारण कक्षों की साफ-सफाई और अलग से करीब 20 जगह अस्थायी शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए। एसपी ने जल वाहिनी पीएसी जवानों के साथ बैठक कर वॉच टॉवर और मोटर वोट पर अलर्ट रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान के दौरान हरदोई-कन्नौज रोड पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
गंगा की रेती पर श्रद्धालु करते हैं कल्पवास
कार्तिक पूर्णिमा पर पड़ोसी जनपद हरदोई के अलावा औरैया, जालौन, इटावा समेत मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, सागर, विदिशा और ग्वालियर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह गंगा की रेती में तंबू और राउटियां लगाकर कल्पवास करते हैं। ब्रह्ममुहूर्त में डुबकी लगाते हैं। गौरी शंकर मंदिर, फूलमती देवी मंदिर और अन्नपूर्णा देवी मंदिर में जलाभिषेक कर पुण्यफल की कामना करते हैं।
हरदोई की ओर गंगा मेला के स्थान में बदलाव
इस बार गंगा का जलस्तर चढ़ा है। इससे हरदोई की ओर पुल के पास पश्चिम में लगने वाले मेले की जगह पानी भरा हुुुआ है। यहां श्रद्घालुओं के डूबने का खतरा है। इससे डीएम राकेश कुमार ने इस बार पश्चिम की जगह पूरब में साफ-सफाई कर रास्तों का निर्माण कर मेला लगाने का फैसला लिया है। प्रशासन ने यहां साफ-सफाई शुरू करा दी है।