सुखाने के लिए खेत से धान का पुआल उठाता किसान।
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कन्नौज। बारिश की वजह से फसलों में तगड़ा नुकसान हुआ है। अब किसान लागत निकालने की जुगत में हैं। इससे कि जुताई, खाद और मजदूरी अदा हो सके। बुधवार को यह धूप निकलने पर खेतों में पहुंच गए। धान की भीगी फसल को सुखाने में लगे रहे। वहीं शासन के निर्देश पर राजस्व टीमों ने जनहानि, पशुहानि, घरगिरी और फसल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
बेमौसम बारिश से किसान तबाह हो गए हैं। सोमवार और मंगलवार को बारिश से आलू, सरसों, टमाटर, गोभी आदि फसलें बर्बाद हो गईं। बुधवार सुबह धूप निकली। इससे किसान खेतों में पहुंच गए। पानी में डूबी धान की फसल को निकालकर सुखाना शुरू किया। वहीं हाल में बोए गए आलू बीज को निकालकर सुरक्षित करने की कवायद की गई। नुकसान से उबरने के लिए किसान दोबारा आलू बोएंगे। वहीं जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर छिबरामऊ, कन्नौज सदर और तिर्वा तहसील में तहसीलदारों के साथ लेखपालों ने बारिश से नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। एसडीएम सदर गौरव शुक्ला ने बताया कि करीब तीन दिन में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
फसल बीमा धारक किसानों के लिए हेल्पलाइन जारी
फसल बीमा धारक किसानों को बारिश से तबाह फसलों का जल्द मुआवजा मिलेगा। कृषि विभाग ने इसके लिए हेल्पलाइन की शुरुआत की है। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि 72 घंटे के अंदर बीमा धारक किसान 1800224030, 18002005142 पर कॉल कर नाम-पता और फसल नुकसान की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा किसान सहायक विकास अधिकारी (कृषि), कृषि रक्षा अधिकारी और जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंच कर आवेदन करें। किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और बीमा प्रीमियम कटौती की छायाप्रति साथ लाएं।