दोपहर ढाई बजे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत
बाजपेयी के कन्नौज आगमन व महेश के घर जाने की जानकारी पाकर जिला प्रशासन ने
मानीमऊ क्षेत्र में हाई एलर्ट घोषित कर दिया। एसओजी टीम व एसडीएम सुनील
कुमार, सीओ करन सिंह ने मानीमऊ सीमा पर बस, ट्रक व दोपहिया वाहनों में सघन
चेकिंग अभियान चलाया।
इसके बावजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सभी की आंखों में
धूल झोंकते हुए मुखिया कोल्ड स्टोरेज में अचानक इंडिका कार से दाखिल हो गए। पत्रकारों
से रूबरू होने के बाद बीएसएफ व पुलिस ने उनको अपनी सुरक्षा घेरे में ले
लिया। बाद में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा व पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद
वह वापस हो गए।
पत्रकारों से कहा कि कन्नौज में फैली अशांति के बीच हमारी
सभी से गुजारिश है कि अमन-चैन वापस वापस आए। प्रशासन दंगाइयों के खिलाफ
कार्रवाई राजनीतिक चश्मा हटाकर करे। कन्नौज की घटना इंटेलीजेंस के जीरो
होने व प्रशासन की लापरवाही के कारण घटी है। अपराधी को अपराधी की नजर से
देखा जाएगा तभी दंगे पर कंट्रोल हो सकेगा।
मैनपुरी की घटना के बाबत कहा कि
सरकार पार्टी के नेता तोताराम को बचा रही है, जबकि गनर को निलंबित कर दिया।
कहा कि दादरी कांड पर इलेक्ट्रानिक मीडिया से लेकर सभी नेताओं ने आंसू
बहाए, पर इस घटना में सभी ने चुप्पी साध ली है। महेश के परिवार को
मुआवजे के बाबत कहा कि यह सरकार जनता का पैसा देने में भी भेदभाव अपना रही
है।
इखलाक के परिजनों को 45 लाख व नौकरी, जबकि मृतक दरोगा के परिवार को एक
फूटी कौड़ी नहीं दी गई। यह सरासर अन्याय है। उन्होंने जिलाधिकारी व एसपी से
मुलाकात के दौरान दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुब्रत पाठक, अर्चना पांडेय, वीर सिंह
भदौरिया, कल्यान सिंह दोहरे, योगेंद्र भदौरिया, अशोक सिंह, विशाल दुबे,
महाराणा प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।