शहर में हुए बवाल का असर आसपास के क्षेत्रों में भी
खूब देखा गया। जलालपुर पनवारा से लेकर कृषि मंडी समिति पर सन्नाटा रहा। बस
स्टाप और रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों का अभाव रहा। कुछेक प्रतिष्ठान को
छोड़कर अधिकतर दुकानें और कार्यालय बंद रहे।
शनिवार को रोडवेज बस स्टाप
पर दोपहर के समय पांच बसें तो खड़ी थीं, पर किसी भी बस में एक भी सवारी
नहीं बैठी थी। परिसर के अंदर सन्नाटा था और बाहर भी कोई नहीं दिखा। वैसे बस
स्टाप के बाहर हर समय कुछेक सवारियां जरूर खड़ी रहीं थीं, पर बवाल के
तीसरे दिन यात्रियों का टोटा रहा।
इसी तरह रेलवे स्टेशन पर भी अधिक भीड़
नहीं दिखी। जो रेल गाड़ियां गुजरीं भी उनमें दूर स्टेशनों के यात्रियों ने
ही सफर किया। बस स्टाप के आसपास अधिकतर दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बंद
रहे। कुछेक ठेली वाले, पान-मसाला दुकान व अन्य गिने-चुने प्रतिष्ठान खुले
रहे।
इसी तरह तिर्वा क्रासिंग से आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा सरायमीरा
से रेलवे स्टेशन जाने वाले अंदर मार्ग का बाजार भी बंद रहा। बाइक सवारों
को कई जगह रोका गया। तलाशी और पूछताछ के बाद ही उनको आगे बढ़ने दिया गया।
एसबीआई सरायमीरा शाखा के आसपास की मार्केट, सदर ब्लाक के पास का मार्केट और
यातायात पुलिस चौकी के पास बनी दुकानें भी बंद रहीं।
तिर्वा मार्ग पर भी
जरूरी काम से लोग निकले। यहां टेंपो और मैजिकों की संख्या कुछ कम रही और जो
वाहन चले उनको सवारियां भरने में काफी इंतजार करना पड़ा। यातायात के साधन
कम रहने से लोगों ने पैदल, साइकिल और निजी वाहनों का सहारा लिया।