कन्नौज। बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की मुख्यमंत्री से की गई शिकायत पर गुरुवार को एक्शन शुरू हो गया है। सचिव बेसिक शिक्षा के आदेश पर डीएम ने सीडीओ, कोषाधिकारी व डीआईओएस की एक हाई प्रोफाइल कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया गया है। इस कार्रवाई से कलक्ट्रेट से लेकर शिक्षा विभाग में खलबली है।
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने 15 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी से व्यक्तिगत मुलाकात कर बीएसए संदीप कुमार के कारनामों का कच्चा चिट्ठा सौंपा था। उन्होंने शिक्षक संगठनों की शिकायत पर यह कदम उठाया था। विशेष सचिव बेसिक शिक्षा विशाल भारद्वाज द्वारा 29 सितंबर को जारी फरमान के बाद कलक्ट्रेट में खलबली मच गई। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जांच के आदेश जारी कर दिए। डीएम द्वारा इस हाई-प्रोफाइल जांच की कमान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, वरिष्ठ कोषाधिकारी नीलम शर्मा और जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज को सौंपी गई है। समिति को स्पष्ट निर्देश हैं कि शिकायत के हर एक बिंदु की अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ पड़ताल की जाए और सात दिनों के भीतर ठोस रिपोर्ट सौंपी जाए।
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फोटो :32: पूर्व सांसद सुब्रत पाठक
जिले में सिंडीकेट चला रहे बीएसए : सुब्रत
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक का कहना है कि बीएसए संदीप कुमार कथित रूप से सिंडीकेट के माध्यम से शिक्षकों के उत्पीड़न, अवैध वसूली, प्रशासनिक व वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त हैं। विभागीय अधिकारियों से इतर स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है।
फोटो :33: संदीप कुमार, बीएसए
जांच में सच आ जाएगा सामने : बीएसए
आरोपों से घिरे बीएसए संदीप कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। काम में जब लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर सख्ती की जाती है, तो गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों का सहारा लेकर ऐसी झूठी शिकायतें कराई जाती हैं। जांच कमेटी के सामने सच अपने आप सामने आ जाएगा।