कन्नौज। जिले में आज से सभी के लिए ओपीडी शुरू होगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने तैयारी कर ली है। सीएमओ व सीएमएस ने सभी डॉक्टरों, विशेषज्ञों से उपचार व परामर्श देने के लिए कहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस खुद कार्यालय में बैठ कर चर्म रोगियों को उपचार देंगे। वहीं अस्पताल में अब नियमित सर्जरी का कार्य भी किया जाएगा। अभी तक ईएनटी (नाक, कान, गला )व नेत्र रोग की ओपीडी चल रही थी।
जिले के अस्पतालों में अब पहले की तरह ओपीडी होगी। शासन का फरमान आने के बाद गुरुवार को अस्पतालों की व्यवस्था दुरुस्त की गई। कोविड ड्यूटी न करने वाले डॉक्टर अस्पताल पहुंच कर मरीजों को उपचार देंगे। जिले में ओपीडी व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से संचालित थी। जिला अस्पताल में ओपीडी के तहत नाक, कान, गला व नेत्र रोगियों को उपचार दिया जा रहा था। यह व्यवस्था कोरोना संक्रमण के दौरान ब्लैक फंगस के चलते हाल ही में शुरू की गई थी। खौफ के चलते जिला अस्पताल में 30 से 35 मरीज ही पहुंच रहे थे। मरीजों को उपचार लेने से पहले कोरोना की जांच करानी पड़ती थी। इसके बाद डॉक्टर उपचार देते थे। शासन का आदेश मिलने के बाद जिले के सभी अस्पतालों में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक मरीजों के लिए डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। हर मरीज को उपचार दिया जाएगा।
जिला अस्पताल में छह से सात सौ की होती थी ओपीडी
जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमण से पहले छह से सात सौ मरीज ओपीडी के तहत उपचार लेने आते थे। कोरोना संक्रमण में हर मरीज की जांच अनिवार्य होने के खौफ के चलते मरीजों ने जिला अस्पताल में उपचार लेना बंद कर दिया। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर जिला अस्पताल की ओपीडी को भी बंद कर दिया गया। बाद में इएनटी व नेत्र रोग की ओपीडी शुरू हुई तो संबंधित मरीजोें ने राहत की सांस ली। अब अस्पतालों में पूरी तरह से ओपीडी को शुरू कर दिया गया है।
मरीजों को नियमित उपचार देंगे डॉक्टर
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि जिला अस्पताल में अब पूरी तरह से ओपीडी शुरू की जा रही है। मरीजों की कोरोना जांच के बाद उपचार दिया जाएगा। इमरजेंसी में पहले मरीज को उपचार मिलेगा, बाद में कोरोना जांच कराई जाएगी। डॉक्टर ओपीडी कक्ष में बैठ कर मरीजों को उपचार देंगे।
मरीजों के उपचार में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
- प्रभारी सीएमओ डॉ. धीरेंद्र आर्या का कहना है कि जिले में कोरोना संक्रमण से लोगों को निजात मिल रही है। इसी के तहत जिले के अस्पतालों में ओपीडी की व्यवस्था पूरी तरह से सक्रिय की गई है। अब सभी डॉक्टर ओपीडी में बैठ कर मरीजों को उपचार देंगे। अधिकारी अस्पतालों का निरीक्षण भी करेंगे। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।