कन्नौज। दिनदहाड़े महिला की हत्या कर फरार हुए टाइल्स मिस्त्री जसवंत सिंह उर्फ पंकज चौहान पर कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। 22 सितंबर से फरार चल रहे हत्यारोपी पर इनाम की राशि बढ़ाने की संस्तुति एसपी विनोद कुमार ने की थी। जसवंत के गृह जनपद बलरामपुर में पांच दिन एसओजी पड़ी रही पर वह हत्थे नहीं चढ़ा। अब एसटीएफ को लगाया गया है।
शहर के मोहल्ला कुतलूपुर मकरंदनगर में मकान में टाइल्स लगाने का काम कर रहे मिस्त्री जसवंत सिंह ने दामाद सूरज के साथ मिलकर महिला सुनीता श्रीवास्तव की निर्ममता से हत्या कर दी थी। दोनों लाखों रुपये की नकदी व जेवर लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने 26 सितंबर को मुठभेड़ में आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या के बाद से जसवंत अभी तक फरार है। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके पैतृक गांव जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर गांव में और पंजाब के लुधियाना समेत सभी संभावित स्थानों पर दबिश दी पर पता नहीं चला।
एसपी ने पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद इनाम की धनराशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। एसपी के निर्देश पर पांच दिन पहले एसओजी प्रभारी जयप्रकाश शर्मा की टीम बलरामपुर गई। टीम ने उसके घर समेत कई स्थानों पर दबिश दी पर पता नहीं चला। एसपी ने इनाम की धनराशि बढ़ाने के लिए संस्तुति करते हुए कानपुर जोन के एडीजी को पत्र लिखा। अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि एडीजी ने जसवंत पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है और उसकी तलाश में एसटीएफ को लगाया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
टाइल्स लगाने का काम कर रहा था आरोपी
सुनीता श्रीवास्तव के पति बैंक कैशियर अर्जुन श्रीवास्तव का एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। उनके स्थान पर छोटी बेटी दीया श्रीवास्तव को मृतक आश्रित में नौकरी मिल गई। उन्होंने मोहल्ले में ही एक नया मकान बनवाया था। इसमें आरोपी जसवंत सिंह और उसका दामाद सूरज कश्यप तीन माह से टाइल्स लगाने का काम कर रहे थे। दोनों ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया और माल जेवर लूट कर फरार हो गए। सूरज की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जसवंत की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।