कन्नौज। नवनिर्मित पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन का शनिवार को डीएम राजेश कुमार ने सीडीओ उदयराज यादव समेत अन्य अफसरों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान भवन में कई खामियां निकलीं। प्लास्टर, बिजली बोर्ड, पाइप लाइन, टंकी की गुणवत्ता गड़बड़ मिली। गुणवत्ता संतोषजनक न निकलने पर कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर डी.आर. यादव को फटकार लगाई गई। निर्माण के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने वाले जेई के खिलाफ कार्रवाई का फरमान सुनाया।
डीएम आवास के सामने पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन निर्माण के दौरान इंजीनियरों और ठेकेदारों ने गुणवत्ता ताक पर रख दी। यही वजह है कि यहां दफ्तर आबाद होने के चंद दिनों के बाद ही खराब क्वालिटी के काम पुलिस के लिए सिरदर्द बनने लगे। जगह-जगह प्लास्टर झड़ने लगा है। कमरों में सीलन है। पाइप लाइन टूट चुकी हैं। इन कमियों की शिकायत ऊपर तक पहुंची तो डीएम शनिवार को अचानक हकीकत जांचने को पहुंच गए।
डीएम के निरीक्षण के दौरान बिजली के बोर्ड घटिया क्वालिटी के लगे पाए गए। उच्च कंपनी के बजाय बेहद निम्न स्तर के बिजली के बोर्ड लगाकर फिटिंग कर दी गई। बिजली की तमाम वायरिंग बाहर से निकली मिली। जिस कक्ष में एसपी बैठते हैं, उसका एक दरवाजा चिटका व खिसका मिला। इसकी चिटकनी भी निम्न कोटि की पाई गई। इन्हें बदलने के आदेश दिए गए। सीओ के बाथरूम कक्ष समेत अन्य जिन स्थानों पर पानी की पाइप लाइन निकली है, वहां दीवारों पर सीलन पाई गई। इस पर दीवार तोड़कर पाइप लाइन के लीकेज को ठीक करने के निर्देश दिए।
छत के ऊपर फिनिशिंग के नाम पर कोई कार्य नहीं पाया गया। लेवल भी ठीक नहीं मिला। छत की चहारदीवारी के प्लास्टर में सीमेंट कम और बालू ज्यादा पाई गई। चहारदीवारी का प्लास्टर दोबारा कराने के आदेश दिए। छत पर सिनटेक्स की टंकियां लगाने, पाइप लाइनों के घटिया पाइप बदलने के निर्देश दिए। कई कमरों में खिड़की ही नहीं लगी मिलीं। इस पर दीवारों को तोड़कर खिड़कियां लगाने के निर्देश दिए गए। परिसर के चारों तरफ चहारदीवारी और कार्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की रोड निर्माण, ज्वाइंट स्थलों पर एल्युमिनियम प्लेट लगाने को भी कहा गया।
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इंसेट
इंजीनियरों की कमेटी करेगी जांच
मसाले की क्वालिटी चेक करने के लिए सैंपल भरकर भेजा गया है, जबकि गुणवत्ता की विस्तृत जांच करने के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह व पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन अंबिका सिंह को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अफसरों को हिदायत दी गई है कि वे सही से जांच कर आख्या तैयार करें। यदि किसी को बचाने या वास्तविक स्थिति छुपाने की कोशिश की तो जांच अफसरों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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दोबारा निर्माण का खर्च जेई से लिया जाएगा
डीएम ने आदेश दिया है कि जो भी घटिया कार्य या खराब कार्य पाया गया है, उसे दोबारा बनवाने में जो भी खर्च आएगा, उसका भुगतान जेई से वसूला जाए। शासन-प्रशासन इसके लिए कोई अतिरिक्त धनराशि नहीं देगा।
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मसाले की जांच में नपेंगे इंजीनियर
डीएम ने भवन निर्माण में प्रयुक्त मसाला खराब लगाने की शिकायत पर दीवार तुड़वाकर उसका मसाला जमा कराकर सैंपल भरा गया। इसे जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। मौरंग के स्थान पर ज्यादा बालू डालने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में होने पर कई इंजीनियर, ठेकेदार व अफसरों पर गाज गिरेगी। डीएम ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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कील लगाने पर टूटने लगा प्लास्टर
अपर एसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि दीवार पर कहीं पर भी कील नहीं लग पाती है। जब कील लगाने के लिए ठोका जाता है तो दीवार का प्लास्टर टूटकर गिरने लगता है। उनके बाथरूम कक्ष के अंदर के दरवाजे में कुंडी ही नहीं लगाई गई है। दरवाजों की फिटिंग भी सही नहीं है।