अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 14 से 18 आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को विद्यालय में गुणवत्तापुर्ण शिक्षा दिलाए जाने की कार्य योजना बनाई गई है। योजना के तहत माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर छात्रों को गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय में उपचारात्मक शिक्षा प्रदान की जाएगी।
उपचारात्मक शिक्षण कार्य शुरु करने से पहले छात्रों की गणित, विज्ञान व अंग्रेजी में दक्षता का आंकलन किया जाएगा साथ ही उनके अभिभावकों को भी उनकी प्रगति से अवगत कराया जाएगा। टीएलएम गतिविधियों की सहायता से अध्ययन कराया जाए। उपचारात्मक शिक्षण अवधि में प्रत्येक विद्यालय से तीन शिक्षक कक्षा नौ के गणित, अंग्रेजी व विज्ञान के चिह्नित छात्र-छात्राओं को पढ़ाएंगे जिसकी शिक्षण अवधि 45 दिनों की होगी। यदि विद्यालय में शिक्षक उपलब्ध नहीं है तो निकटवर्ती उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों से सहयोग लिया जाए। उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक न होने पर सेवानिवृत्त शिक्षक से सहयोग लिया जाए।
उपचारात्मक शिक्षण कार्य के लिए दो हजार रुपये प्रति शिक्षक मानदेय प्रदान किया जाएगा। डीआईओएस प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण कर रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय भेजेंगे। मंडलीय उप निदेशक अपने मंडल के जिलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक अपने मंडल के जिलों का दौरा करेंगे। उपचारात्मक शिक्षा के साथ इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि अन्य कक्षाओं की पढ़ाई किसी भी दशा में बाधित न हो। राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर का एक दिवसीय प्रशिक्षण होगा जिसके तहत कुशल व दक्ष शिक्षकों का चयन किया जाएगा।
डीआईओएस विमलेश विजयश्री ने कहा कि सरकार की यह अच्छी पहल है। उपचारात्मक शिक्षा प्रदान होने के बाद जो छात्र किसी कारणवश शिक्षण कार्य में कमजोर रह गए हैं वह भी शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे और उनको आगे की कक्षाओं में शिक्षण कार्य में परेशानी नहीं होगी।
--गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषयों में चिह्नित किए जाएंगे छात्र
--जिले में 15 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का हो रहा संचालन
--अक्टूबर माह तक उपचारात्मक शिक्षा देकर छात्रों को बनाया जाना दक्ष