फोटो:31: बाढ़ से जहां धान की फसल बर्बाद हो गई तो वहीं इसमें मछलियां भी आ गईं। गुगरापुर क्षेत्र में किसान ने जब मछलियां देखींं तो जाल डालकर शिकार करने लगा। इसे कहते हैं आपदा में अवसर को तलाशना। फोटो : अभिजीत तिवारी (संवाद)
फोटो :32: गुगरापुर क्षेत्र के गढि़या बलीदादपुर में प्राइमरी स्कूल के गेट पर पानी भर गया तो सहायक अध्यापक अंतिमा शुक्ला ने पीछे से बच्चों को बाउंड्रीवाल फंदाकर स्कूल में पहुंचाया। संवाद
फोटो:33: कासिमपुर गांव के खेतों में जलभराव से डूबी झोपड़ी। संवाद
फोटो:34: कासिमपुर बख्शीपुरवा में घरों के बाहर भरा पानी। संवाद
फोटो:35: सड़क पर चहलकदमी करते कटरी क्षेत्र में छोड़े गए मवेशी। संवाद
फोटो:36: ईशन नदी में पुल की निचली सतह के समीप पहुंचा पानी। संवाद
बाढ़ ने बिगाड़े हालात, गंगा-काली के किनारे 70 गांव चपेट में
- हजारों बीघा फसलें बर्बाद, ग्रामीणों ने मवेशी सड़कों पर छोड़े, काली नदी के साथ अरिंद, ईशन, पांडु नदी भी उफान पर
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। गंगा का जलस्तर रविवार को 90 सेंटीमीटर बढ़कर 126.020 मीटर हो गया था। सोमवार को 40 सेंटीमीटर और बढ़कर 126.060 मीटर हो गया। अब गंगा खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। इससे कटरी क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। क्षेत्र के 70 गांव जलमग्न हैं। जलभराव से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, खेतों में नाव चल रही हैं। गंगा के साथ काली नदी, अरिंद, ईशन, पांडु नदी भी उफान पर हैं। ग्रामीणों ने जान बचाने के लिए सड़कों पर डेरा जमा रखा हैं।
जलस्तर अचानक बढ़ने से काली नदी के तटवर्ती गांव कटरी अमीनाबाद, गढि़या बलीदादपुर, सढि़यापुर बांगर, मिश्रीपुर, फिरोजपुर समेत 40 गांव खेत डूब गए हैं और फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इसी प्रकार गंगा की तलहटी के गांव कासिमपुर, बक्सीपुर्वा, कटरी गंगपुर, गंगूपुर्वा, दाईपुर, चौराचांदपुर, मेहंदीपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, सलेमपुर ताराबांगर समेत 22 गांवाें में जलभराव है। खेतों में पानी के तेज बहाव से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। फसलें नष्ट होने से ग्रामीण दाने-दाने का मोहताज हो गए हैं। ग्रामीणों के सामने जीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। अधिशासी अभियंता (सिंचाई खंड) सूर्यमणि सिंह का कहना है कि केंद्रीय जल आयोग की टीम लगातार जलस्तर पर निगरानी किए है। नरौरा बांध से पानी का प्रवाह कम किया गया है, लेकिन सोमवार को जिले में बारिश अधिक होने से जलस्तर और अधिक बढ़ने की संभावना है।
बाउंड्री पर चढ़कर स्कूल में घुसे बच्चे
गुगरापुर। काली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी में उफान से क्षेत्र के 40 गांव जलमग्न हैं। गढि़या बलीदादपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय गेट पर जलभराव होने से रास्ता बंद हाे गया। सोमवार को स्कूल पहुंचने वाले बच्चे शिक्षिका अंतिमा शुक्ला की मदद से बाउंड्री से चढ़कर स्कूल पहुंचे।
ग्रामीणों ने छोड़े मवेशी
बाढ़ का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। अपने रहने का ठिकाना नहीं रहा तो कटरी के बाशिंदों ने मवेशियों को आजाद कर दिया, ताकि वे भी कहीं शरण लेकर जान बचा सके। कारण है कि ग्रामीण इन बेजुबानों के चारा-पानी का इंतजाम कहां से करें।
अरिंद नदी का भी बढ़ रहा जलस्तर
चपुन्ना। अरिंद नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी के आसपास वाले काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। लोग फसल बचाने की जुगत में जुट गए हैं।
खेतों में जाल डालकर पकड़ रहे मछली
गुगरापुर। काली नदी का पानी का खेतों में भर गया है। इससे खेत जलमग्न हैं। खेतों के हालात ऐसे है कि गढि़या बलीदादपुर के ग्रामीण खेतों में जाल डालकर मछलियां पकड़ रहे हैं।
उफान पर पांडु नदी, फसलें जलमग्न
हसेरनठठिया। पांडु नदी उफान पर है। इस कारण ठठिया व हसेरन क्षेत्र के कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे संजय कुमार सिंह, धनंजय सिंह ,संजय सिंह, रामलखन सक्सेना आदि किसानों की प्याज, धान, मक्का की 100 बीघा से अधिक फसल डूब गई है। इससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक क्षति पहुंच रही है।
प्रभारी मंत्री कटरी क्षेत्र का दौरा करेंगीं आज
अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा व काली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सोमवार को भारी बारिश के बाद बाढ़ से समस्या और बढ़ गई है। मंगलवार को जिले की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगीं और पीड़ितों का राहत सामग्री प्रदान करेंगी। बाढ़ से जो ग्रामीण विस्थापित हो गए हैं, उनको भोजन भी कराया जाएगा।