कन्नौज। परिवारों की खुद की पहचान, फैमिली आईडी बनाने का काम जिले में धीमा है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे, परिवार भी बेपरवाह हैं। जिले में अब तक सिर्फ 43.99 फीसदी परिवारों की आईडी ही बन सकी हैं। जिले में छह जून तक 50 फीसदी फैमिली आईडी नहीं बन पाईं हैं। अब डीएम व सीडीओ ने प्रत्येक ब्लॉकों को 700 आईडी प्रति माह बनाने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने एक परिवार-एक पहचान के तहत जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनकी फैमिली आईडी बनाई जा रही हैं। यह कार्य नवंबर 2024 से शुरू हुआ। जिले में इसके लिए 57116 फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य दिया गया है और लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी विभाग लगे हुए हैं। विभागों ने तीनों तहसीलों में छह जून तक सिर्फ 24839 लोगों के ही आवेदन स्वीकृत किए हैं। जिले भर में छह जून तक सिर्फ 43.99 फीसदी ही फैमिली आईडी बन सकीं हैं। इसकी प्रत्येक दिन तीन टाइम मॉनीटरिंग की जाती है।
जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉक क्षेत्र के परिवारोंं की फैमिली आईडी का पंजीयन किया जा रहा है। लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर से निशुल्क आवेदन कर फैमिली आईडी बनवा सकते हैं। मोबाइल फोन और साइबर कैफे से भी आईडी बना सकते हैं। प्रशासन भी इसके लिए प्रयास कर रहा है। इसके बाद भी जिले में फैमिली आईडी बनाने का काम तेजी नहीं पकड़ रहा।
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग कम से कम 700 आइडी प्रतिमाह बनाएगा। हालांकि जिले में अभी तक सिर्फ 43.99 फीसदी ही आइडी बन सकी हैं। मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी ने बताया कि सभी बीडीओ और जिला स्तरीय अधिकारियों को फैमिली आइडी की प्रतिदिन रिपोर्ट देने को कहा है।