मां-बेटे की हत्या में नामजद युवक ने पुलिस को देख की जान देने की कोशिश
झांसी। प्रेमनगर थाना इलाके में सोमवार की शाम को हुई मां-बेटे की जघन्य हत्या के आरोपी ने मंगलवार को गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम को देख जान देने की कोशिश की। लेकिन, उसे बचा लिया गया और आनन-फानन में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया, जहां उसकी हालत सामान्य बनी हुई है।
बिजौली के बजरंग मुहल्ले में रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड चंदन राठौर (45) और उसकी मां कलावती (70) की निर्ममता से कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक चंदन की पत्नी मीना ने घिसौली निवासी जनार्दन उर्फ कन्नू पर हत्या का आरोप लगाया था। हत्या की वजह लेनदेन का विवाद बताई गई थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। रात भर पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटीं रहीं, लेकिन पता नहीं चला सका। मंगलवार की सुबह आरोपी के पिता और भाई को साथ लेकर पुलिस घिसौली में स्थित उसके खेत पर पहुंची। आरोपी यहां एक पेड़ पर चढ़कर बैठा हुआ था। पिता के साथ पुलिस को आता देख वो गिरफ्तारी से बचने के लिए फंदे पर झूल गया। पुलिस ने आनन-फानन में उसे नीचे उतारा। यहां से उसे पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और उसके बाद महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां उसकी हालत सामान्य बनी हुई है। इलाज जारी है।
मां-बेटे की जली चिता, हर आंख हुई नम
झांसी। मंगलवार को मृतक चंदन राठौर और उसकी मां कलावती के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। शवों के बिजौली के बजरंग नगर मुहल्ले में स्थित उनके घर पर पहुंचते ही कोहराम मच गया। शाम को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके रिश्तेदार शैलेंद्र ने दी। इस दरम्यान भारी संख्या में भीड़ मौजूद रही। मां-बेटे की चिता एक साथ जलते देख सभी की आंखें नम नजर आई।
आरोपी की पहचान के लिए पुलिस उसके पिता और भाई को साथ में लेकर दबिश दे रही थी। पिता के बताने पर पुलिस खेत पर पहुंची। आरोपी पेड़ पर बैठा हुआ था और घर वालों को आता देख आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। पुलिस ने रोका और पिता की मदद से अस्पताल पहुंचाया। यहां बातचीत में उसने बताया कि मां-बेटे की हत्या में उसे आरोपी बनाया गया है। इस तरह का घृणित कृत्य उससे हो गया था। इससे वो आत्मघाती कदम उठा रहा था।
- शिवहरि मीना, एसएसपी