झांसी। जैन साध्वी आर्यिका विविक्तश्री माताजी के पद विहार में शामिल श्रद्घालुओं को लेकर झांसी लौट रहे आपे की एक तेज रफ्तार कार से भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि आपे के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। साथ ही अगली सीट पर बैठे श्रद्घालु की मौत हो गई। जबकि अन्य पांच महिला श्रद्घालुओं को गंभीर चोट आई है। इनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
बबीना पुलिस के मुताबिक जैन साध्वी आर्यिका विविक्तश्री माता जी गोलाकोटा होते हुए शिवपुरी के लिए विहार पर हैं। सोमवार को वह बबीना तक पहुंच गई थीं। उनके साथ झांसी के बड़ागांव गेट निवासी प्रसन्न जैन (45) पुत्र सुरेंद्र चंद्र नायक, उनकी पत्नी नीलू जैन (42) भी गए थे। प्रसन्न एक विद्यालय में अध्यापक थे। आर्यिका माताजी को छोड़ने के बाद प्रसन्न जैन पत्नी एवं अन्य परिजनों के साथ शाम को वापस बीएचईएल से होते हुए झांसी लौट रहे थे। बीएचईएल तक आने के लिए वह सभी एक आपे में बैठ गए। रात करीब आठ बजे जैसे ही उनका वाहन मानपुर के पास ठकुरपुरा गांव पर पहुंचा, तभी सामने से एक तेज रफ्तार कार ने आपे को टक्कर मार दी। जोरदार आवाज के साथ आपे पलट गया। सभी श्रद्घालु उसके नीचे दब गए। हादसा होते ही वहां चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी आ गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। थोड़ी देर में एसओ विनोद मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। आपे के नीचे फंसे घायलों को किसी तरह निकाला गया।
इनमें इंद्रा जैन (44) पत्नी महेंद्र निवासी सुभाषगंज, अनीता जैन(45) पत्नी सुभाष निवासी कोतवाली, सुलेखा जैन(47) पत्नी मनोज निवासी बड़ागांव, नीलू जैन पत्नी प्रसन्न जैन, सुनीता जैन(48) पत्नी अनिल निवासी बड़ागांव गेट को गंभीर चोट आ गई। अगली सीट पर बैठे होने से प्रसन्न की हालत नाजुक थी। पुलिस ने इन सभी को अस्पताल पहुंचाया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने प्रसन्न को मृत घोषित कर दिया। प्रसन्न की पत्नी नीलू की हालत भी नाजुक है। उधर, बबीना पुलिस ने मौके से कार को उठाकर थाने ले आई जबकि कार चालक फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक कार के नंबर के आधार पर कार मालिक की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आपे चालक की भी तलाश की लेकिन, वह भी कहीं नहीं मिला।
दुर्घटना के बाद अस्पताल में लगा तांता
झांसी। भीषण सड़क हादसे के बाद अस्पताल में जैन समुदाय के लोगों का तांता लग गया। पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, प्रवीण जैन, सौरभ जैन सर्वज्ञ, अशोक जैन जैनिथ समेत अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल पूछा एवं परिजनों को ढांढस बंधाया। उधर, प्रसन्न जैन के घर में जैसे ही हादसे की सूचना पहुंची, वहां कोहराम मच गया। प्रसन्न धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इसके अलावा वह एक राजनीतिक संगठन से भी जुड़े हुए थे। परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं।