झांसी। महानगर में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद घरों में गृहिणियों ने फिर से पाबंदियां लगा दी हैं। कोरोना घर में घुस न सके, इसके लिए कोविड नियमों के पालन के साथ तमाम जतन किए जा रहे हैं। बच्चों को बाहर खेलने भेजना बंद कर दिया है। वहीं पति या खुद के बाहर से लौटने पर सैनिटाइजेशन और मास्क लगाने का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही अन्य परिजनों से भी नियम पालन कराया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों और संक्रमण की भयावहता को देखते हुए लोग तीसरी लहर को लेकर सतर्क हो गए हैं। बीते कुछ दिनों से महानगर में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। जिम्मेदार परिवार खुद को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
इसे लेकर महिलाओं ने फिर से कमान संभाल ली है। कोरोना को रोकने के लिए घर में प्रवेश से पहले हर किसी को सैनिटाइज कराया जा रहा है। मास्क के बिना घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। वहीं बच्चों के प्रति सतर्कता बरतते हुए उनका बाहर खेलना जाना तक बंद कर दिया गया है। वहीं बच्चों को घर में रोकने के लिए महिलाएं उनके साथ समय भी बिता रही हैं। बच्चों को वेस्ट मटेरियल से चीजें बनाने, छत पर अपना गार्डन बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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कहती हैं महिलाएं
अपने बच्चों को मैंने घर से बाहर खेलने जाने से मना कर रखा है। पता नहीं कब कौन कहां कैसे कोरोना से संक्रमित हो और बच्चे इस चपेट में आएं। - मधु वार्ष्णेय
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मेरे घर में बाहर से कभी भी कोई आता है, तो बिना किसी संकोच के पहले हाथ सैनिटाइज करने या साबुन से धुलवाते हैं। सतर्कता बरत रहे हैं। - संध्या यादव
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परिवार के सभी सदस्य बिना मास्क लगाए बाहर नहीं जा रहे हैं। अब मास्क और सैनिटाइजर गेट पर ही रखवाया हुआ है। आते-जाते समय इसका ध्यान रख रहे हैं। - प्रियंका राजपूत
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बच्चों को घर में रखने के लिए उनके पसंदीदा व्यंजन बनाते हैं। उनके साथ खेलते और बातें करते हैं, ताकि वे मोबाइल भी कम चलाएं और बाहर जाने की जिद न करें। - पूनम निगम