- अशोक कुशवाहा हत्याकांड के गवाहों ने कोर्ट के अंदर भागकर जान बचाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
दतिया। आठ माह पहले जमीनी विवाद को लेकर अशोक कुशवाहा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुरुवार को बदमाशों ने गवाही देकर जिला न्यायालय के बाहर निकल रहे मृतक के परिजन को हथियारों के बल पर धमकाया। इस दौरान वहां लोग इकट्ठा हो गए। उन लोगों ने न्यायालय के अंदर भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस के पहुंचने के पहले ही आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने दो लोगों पर मामला दर्ज किया है।
इमलीपुरा में रिसाला मंदिर के पास रहने वाली ज्योति कुशवाहा (35) ने पुलिस को बताया कि आठ महीने पहले उनका अरुण यादव, शिवम यादव, संजू यादव, रोहित यादव, महेश यादव, पुष्पेंद्र यादव, छोटू यादव आदि से जमीन को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद को लेकर उक्त लोगों ने उसके पति अशोक कुशवाहा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसका प्रकरण दतिया न्यायालय में चल रहा है। गुरुवार को उनकी गवाही की तारीख थी। इस पर ज्योति अपने पिता अमर सिंह कुशवाहा और भांजे अजय कुशवाहा के साथ गुरुवार को गवाही देने के लिए न्यायालय पहुंचीं। दोपहर में एक बजे करीब वह लोग गवाही देकर न्यायालय से बाहर आ रहे थे। इसी दौरान न्यायालय के बाहर भूरा व उसके साथी हाथ में बंदूक, लाठी लेकर खड़े थे। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए केस में राजीनामा करने के लिए धमकाया। कहा कि राजीनामा नहीं किया तो जान से मार देंगे। इस दौरान शोरगुल होने पर न्यायालय के लोगों ने उन्हें अंदर बुला लिया और पुलिस को सूचना दी। चिरूला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।