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कहीं भी बेच सकेंगे गेहूं

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झांसी। अब किसान किसी भी सरकारी क्रय केंद्रों मेें अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इसके लिए नजदीकी क्रय केंद्र से किसान के राजस्व ग्राम की संबद्घता संबंधी आदेश पर सरकार ने छूट दे दी है। इससे किसान अपनी सहुलियत के मुताबिक क्रय केेंद्रों में जाकर आसानी से उपज बेच सकेगा। इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया जा चुका।
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कोरोना की वजह से इस बार गेहूं खरीद में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई पड़ रही। इसके पहले पंचायत चुनाव होने की वजह से भी खरीद की रफ्तार काफी धीमी रही। इन दोनों वजहों से सरकारी खरीद बहुत धीमी रही। इसमें तेजी लाने के लिए सरकार ने अपने उस आदेश को संशोधित कर दिया जिसमें किसानों को अपने राजस्व गांव के भीतर के क्रय केंद्रोें में उपज बेचने को अनिवार्य किया गया था। सरकार को उम्मीद है इसे खत्म करने से किसान क्रय केंद्रों की ओर आना शुरू होंगे। इसके पहले खरीद आरंभ होने पर सरकार ने इस वर्ष से मंडी स्थल से बाहर स्थापित क्रय केंद्रों को राजस्व ग्रामों के साथ जोड़ दिया था। राजस्व गांव से बाहर के किसानों के गेहूं खरीदने पर साफ तौर मनाही थी। इसके लिए पंजीकरण भी नहीं हो रहा था लेकिन, अब इस नियम में बदलाव कर दिया गया। इससे किसानों को जनपद के किसी भी क्रय केंद्र में जाकर तयशुदा एमएसपी 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं बेचने की छूट मिल जाएगी। नई व्यवस्था में किसी गांव के किसान गांव के समीप दूसरे जनपद के क्रय केंद्र पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे। इसके लिए किसानों को पंजीकरण कराने की भी जरूरत नहीं है।
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