झांसी। जलनिगम में पेयजल योजनाओं के रखरखाव के लिए जारी किए करोड़ों रुपये के टेंडरों पर ठेकेदारों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि अपात्र चहेतों को रातों रात टेंडर जारी कर दिए। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश जलनिगम कान्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री पोटल, कमिश्नर, डीएम व जलनिगम के मुख्य अभियंता से लिखित शिकायत की है।
जलनिगम की निर्माण शाखा ने पिछले महीने जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में बंद पड़ी 15 पेयजल योजनाओं को दोबारा शुरू करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। इसमें पाइप लाइन बदलना, टंकी की मरम्मत आदि कार्य होने हैं। टेंडर प्रक्रिया के तहत 12 सितंबर को आवेदन डाले और 14 सितंबर को ऑनलाइन खोले गए। टेंडर खोलने की प्रक्रिया में औपचारिकता दिखाई गई। आरोप है कि 26 सितंबर की रात 11 बजे संबंधित फर्मों को कार्य आवंटित कर दिए गए। अन्य ठेकेदारों ने जब जानकारी की तो पता लगा कि अधूरे प्रपत्रों में अपात्र व चहेतों को टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इनमें एक फर्म का अनुभव प्रमाण पत्र उरई, एक फर्म द्वारा जो ज्वाइंट वेंचर लगाया गया उसका आवेदन में जिक्र नहीं मिला, एक फर्म का हैसियत प्रमाण पत्र दूसरे के नाम जारी था जैसी तमाम खामियां संबंधित फर्मों के कागजातों में पायीं गईं। इसके बाद भी उनको टेंडर जारी कर दिए गए। इस संबंध में उत्तर प्रदेश जलनिगम कान्ट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु शुक्ला ने बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार चहेतों को टेंडर जारी किए जा रहे हैं। जबकि पात्र ठेकेदारों को काम नहीं दिया जा रहा है।
अपनों को जारी कर दिए टेंडर
जलनिगम में कार्यरत एक बाबू का भतीजा ठेकेदार है। इस फर्म को चार कार्य आवंटित किए गए हैं। जबकि इस फर्म द्वारा लगाए गए प्रपत्र अधूरे हैं। इसी तरह एक सेवानिवृत्त अवर अभियंता की बहू के नाम पंजीकृत फर्म को चार कार्य दिए गए।