टीटीई को हैंड होल्डिंग डिवाइस के जरिए रियल टाइम में आरक्षित सीट के खाली होने की सूचना अपटेड करनी होगी। सीट के खाली होते ही यात्री के मोबाइल में उसकी कंफर्म सीट के होने का मेसेज पहुंच जाएगा। यात्री को अब टीटीई के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। झांसी मंडल में 386 मशीनें पहुंच गई हैं।
अब चलती ट्रेन में भी वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के टिकट कंफर्म हो सकेंगे। मंडल के सभी टीटीई को हैंड होल्डिंग डिवाइस के जरिए रियल टाइम में आरक्षित सीट के खाली होने की सूचना अपटेड करनी होगी। इसकी मदद से खुद-ब खुद वेटिंग टिकट वाले यात्री की सीट कंफर्म हो जाएगी। इसका मेसेज भी यात्री के मोबाइल पर आ जाएगा।
विज्ञापन
मौजूदा व्यवस्था में गाड़ी छूटने से करीब आधे घंटे पहले चार्ट बन जाता है। इसके बाद चलती ट्रेन पर अगर सीट खाली रहती है तब टीटीई मैनुअल तरीके से इसे पहले आरएसी और उसके बाद वेटिंग यात्रियों को जगह देता है लेकिन, मैनुअल होने की वजह से अधिकांश मामलों में टीटीई की मनमर्जी चलती है। कई दफा वह खाली सीट उनके वास्तविक दावेदार के बजाए अपनी मर्जी से किसी दूसरे यात्री को थमा देते हैं। रोजाना रेल अफसरों के पास इस तरह की तमाम शिकायतें पहुंचती हैं।
इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने टीटीई को हैंड होल्डिंग डिवाइस देने के निर्देश दिए। अब यह डिवाइस मंडलवार सभी टीटीई को दी जा रही है। झांसी मंडल को भी 386 मशीनें दी गई हैं। इन मशीनों के माध्मय से अब टीटीई को ट्रेन में खाली सभी बर्थ का रियल टाइप अपडेट करना होगा। सीट के खाली होते ही यात्री के मोबाइल में उसकी कंफर्म सीट के होने का मेसेज पहुंच जाएगा। यात्री को अब टीटीई के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।
विज्ञापन
यात्रियों को रियल टाइम अपटेड करने के लिए यह सुविधा आरंभ की जा रही है। मंडल में 386 मशीनें आ गई हैं। जल्द ही यह मशीनें सभी टीटीई को दे दी जाएगी।