झांसी के डिफेंस कॉरिडोर में बनने वाले एरो एंड डिफेंस पार्क में विभिन्न स्तर की रक्षा जरूरतों को पूरा करने वाले अत्याधुनिक ड्रोन भी बनेंगे। इनमें अत्यधिक ऊंचाई और बहुत दूर तक फोटो खींचने में सक्षम सौर ऊर्जा से चलने वाले ड्रोन शामिल रहेंगे। झांसी के रक्षा गलियारे में टाइटन एविएशन एंड एरोस्पेस इंडिया लिमिटेड बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादों का निर्माण करेगी।
कंपनी यूक्रेन की कंपनियों के साथ चार फेज में पार्क को विकसित करेगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक के गिरि कुमार ने बताया कि सारे संसाधन विकसित होने के बाद इस पार्क में हवाई जहाज बनाने के लिए विश्व की आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें थ्री डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी शामिल है।
विश्व के आधुनिक कैमरे और क्षमता वाले ड्रोन भी बनाए जाएंगे। ये ड्रोन सौर ऊर्जा से बहुत दूर तक जाने की क्षमता वाले होंगे। अधिक दूरी के बावजूद इन पर पूरा नियंत्रण रहेगा। ये बहुत ऊंचाई से भी फोटो खींच कर भेज सकेंगे।
6000 एकड़ पर बनने वाले डिफेंस पार्क में 37 हजार करोड़ से अधिक का निवेश होगा। इसमें एविएशन यूनिवर्सिटी, एरोस्पेस लैबोरेट्री, विभिन्न एअरबस के लिए संसाधन, बोइंग व रूस के हेलीकॉप्टर आदि के लिए अत्याधुनिक मेंटेनेंस सेंटर भी होंगे। साथ ही, यहां बुलेट प्रूफ जैकेट और बॉम्ब ब्लैंकेट भी बनेंगे। डिफेंस पार्क में एअर स्ट्रिप, टाउनशिप, कम्पोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और हवाई जहाज को असेंबल करने की भी योजना है।