रक्शा के ग्राम ढ़िकोली में बारिश से बिछ गई गेहूं की फसल।
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झांसी। धूप के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे थे। गर्मी का अहसास होने लगा था। लेकिन, शनिवार की रात मौसम अचानक पलटी मार गया। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने लगी। कहीं - कहीं तेज बारिश भी हुई। ये क्रम देर रात तक जारी रहा। इसका जनजीवन पर खासा असर हुआ है। तेज हवा और बारिश से कई इलाकों में गेहूं की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई, तो बिजली ठप रहने की वजह से कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा। हालांकि, रविवार को मौसम साफ रहने से सभी ने राहत की सांस ली।
पिछले खरीफ सीजन में अतिवृष्टि की मार झेल चुके किसानों को इस रबी सीजन से आस बंधी हुई है। खरीफ में मूसलाधार बारिश होने की वजह से खेतों में बड़ी तबाही मची थी। प्रशासन ने एक अरब सत्तर करोड़ छप्पन लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया था। हालांकि, मानसून की मेहरबानी से इस रबी सीजन में गेहूं की फसल अच्छी होने की आस बनी हुई है। हरे-भरे खेत किसानों की समृद्धि का संदेश दे रहे हैं। लेकिन, शनिवार की रात किसानों के लिए आफत लेकर आई। तेज हवा व बारिश की वजह से कई जगह गेहूं की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई। ज्यादा नुकसान उन खेतों में हुआ, जहां फसल पहले बोई गई थी। इतना नहीं, बारिश की वजह से घंटों विद्युतापूर्ति भी ठप बनी रही। महानगर के कई इलाकों में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को विशेष नुकसान नहीं हुआ है। जहां बारिश से फसल झुक गईं हैं, वहां धूप खिलने के बाद दुरुस्त हो जाएंगी।
मौसम का रहा मिलाजुला मिजाज
झांसी। रविवार को मौसम का मिलाजुला मिजाज रहा। धूप और बादलों की आवाजाही दिन भर जारी रही, हवा में शीतलता रही। इससे तापमान का मिजाज भी नरम रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग द्वारा इस सप्ताह मौसम का यही मिजाज रहने के आसार जताए जा रहे हैं। धूप और बादलों की रस्साकसी जारी रहेगी। बारिश के आसार नहीं हैं।