सर्किट हाउस में आदिवासी मामलों की केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह।
झांसी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। लोगों को इस कानून को समझने की जरूरत है। यह कानून नागरिकता छीनने नहीं बल्कि नागरिकता देने वाला है। यह बातें रविवार को आदिवासी मामलों की केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा देशहित में नहीं है।
शहर निवासी व्यापारी नेता राजीव राय के परिवार में आयोजित शादी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लोगों में जागरूकता कम है। इसे लेकर केंद्र सरकार काम कर रही है। उम्मीद है धीरे-धीरे कानून लोगों की समझ में आएगा। साथ ही कहा कि दिल्ली में हिंसा देश के लिए गलत है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी लोगों के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं ला रही है। 434 शहरों में आदिवासियों के बच्चों के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। आदिवासियों द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने और रोजगार देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय के सहयोग से ऑनलाइन कंपनियों के साथ करार किया गया है। जिले की सहरिया जाति को अनुसूचित जनजाति घोषित करने के मामले में उन्होंने कहा कि अगर सहरिया जाति के लोग अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आना चाहते हैं, तो इसके लिए पहल की जाएगी। जिला स्तर और प्रदेश स्तर से प्रस्ताव मिलने के बाद विचार किया जाएगा। इस दौरान बीजेपी महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा व समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह मौजूद रहे।