झांसी। विधानसभा चुनावों में विधायकी का टिकट काफी हद तक संघ की रिपोर्ट पर तय होगा। हाल ही में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में भाजपा विधायकों के कामकाज पर चर्चा हुई। तय हुआ कि दो महीने में संघ क्षेत्र के सभी 52 विधायकों की फाइनल रिपोर्ट तैयार कर सौंपेगा। इस रिपोर्ट पर भी विधायकी का टिकट काफी हद तक निर्भर है।
विधानसभा चुनाव में कुछ महीने ही बचे हुए हैं। ऐसे में प्रदेश का माहौल पूरी तरह चुनावी हो गया है। राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी बीच पहले लखनऊ और फिर कानपुर में भी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सामाजिक से लेकर राजनीतिक मुद्दों पर विमर्श हुआ। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि दो महीने में तमाम बिंदुओं को मद्देनजर रखते हुए विधायकों की फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। चुनाव से ठीक पहले दी जाने वाली ये रिपोर्ट काफी अहम होगी। इसी रिपोर्ट पर विधायकों को टिकट मिलेगा या फिर कटेगा। हालांकि, पार्टी स्तर से भी निजी एंजेंसियों के जरिए गोपनीय सर्वे कराया जा रहा है। उसकी रिपोर्ट की भी संघ की रिपोर्ट से तुलना की जाएगी।
अभी झांसी-ललितपुर के छह में चार विधायक पास
संघ के पदाधिकारी के मुताबिक झांसी समेत बुंदेलखंड में कई भाजपा विधायकों ने अच्छा काम किया है, तो कुछ ने निराश। झांसी और ललितपुर की बात करें तो यहां पर छह विधानसभा सीटों में चार विधायक संघ के रिपोर्ट कार्ड में अब तक पास साबित हुए हैं। झांसी की बात करें तो चार में से तीन विधायक पास हैं। हालांकि, अब फाइनल रिपोर्ट में क्या बदलता है, ये देखने वाली बात होगी।
इन बिंदुओं पर तैयार होगी रिपोर्ट
- क्षेत्र में सहभागिता।
- व्यक्तिगत आचरण।
- जातिगत जनाधार।
- संगठन के प्रति रवैया।
- क्षेत्र में क्या काम किया।
- जनता, कार्यकर्ता की कितनी सुनी।
- विपक्ष के संभावित प्रत्याशी से तुलना।