झांसी। पत्नी के मायके से ना लौटने से दुखी पति ने पत्नी की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। उनकी शादी करीब पंद्रह साल पहले हुई थी लेकिन, उनके कोई संतान नहीं हुई। संतान न होने से पति-पत्नी परेशान रहते थे। पत्नी काफी समय से मायके में रहने लगी। कई बार वापस बुलाने के बाद भी वह वापस लौटने को राजी नहीं हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
बड़ागांव के पंचमपुरा निवासी मनोज कुशवाहा (38) पुत्र हरिशंकर मजदूरी करता था। मनोज घर का इकलौता बेटा था। करीब 15 साल पहले उसकी शादी बरुआसागर निवासी बेबी से हुई थी। परिजनों का कहना है शादी के कई वर्ष बाद भी दोनों की संतान नहीं हुई। इस बात को लेकर दोनों के बीच तनाव रहता था। कई बार झगड़ा भी होता था। परिवार के लोग ताने भी देते थे। इस वजह से नाराज होकर बेबी करीब चार माह पहले मायके चली गई। मनोज ने उसे कई बार बुलाने की कोशिश की लेकिन, बेबी ने आने से मना कर दिया। इससे मनोज दुखी रहा करता था। उसकी मां बेनीबाई शादियों में रोटी बनाती है। शुक्रवार को वह पड़ोस की शादी में रोटी बनाने गई थी। मनोज और उसका पिता घर में अकेले थे। शुक्रवार रात करीब ग्यारह बजे मां घर पर आई और बेटे को कमरे में खाना खाने के लिए बुलाने गई तो वह फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। इकलौते बेटे की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया।