झांसी। सरकारी नौकरी हर किसी का सपना होता है। मगर युवाओं का यह सपना उनके लिए तनाव बन रहा है। नौकरियों की निर्धारित चयन प्रक्रिया में हो रही लेटलतीफी से परीक्षार्थी परेशान हो रहे हैं। सालों से तैयारी के बाद भी समय पर परिणाम नहीं आने से निराशा बढ़ रही है। इसे लेकर मामले मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
जिले में हर साल लाखों अभ्यर्थी रेलवे, एसएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करते हैं। आवेदन के बाद परीक्षा और उसके बाद परिणाम आने में इतना समय लग जाता है कि अभ्यर्थी परेशान हो जाते हैं। कई बार प्रश्न-पत्र लीक होने से दूर-दूर से आए परीक्षार्थी और सालों से तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को दिक्कत होती है। ऐसे ही मामले मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जा रही है।
ये है परीक्षाओं का हाल
परीक्षा आवेदन हुए परीक्षा परिणाम
रेलवे एनटीपीसी मार्च 2019 जनवरी 2021 अभी नहीं
रेलवे ग्रुप डी मार्च 2019 हुई नहीं पता नहीं
यूपी टीईटी अक्तूबर 2021 नवंबर में (पेपर लीक)- नई तिथि अभी घोषित नहीं
यूपी पुलिस अप्रैल 2021 दिसंबर 2021 घोषित नहीं
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टीईटी की तैयारी कर रही थी लेकिन पेपर लीक हो गया कहीं अगला पेपर भी लीक ना हो जाए, वरना समय और पैसा दोनों बर्बाद हो जाएंगे। - दीपिका बनर्जी
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रेलवे एनटीपीसी की परीक्षा का ही दो साल इंतजार किया, अब रिजल्ट का कर रहे फिर दूसरे पेपर का इंतजार, फिर उसके नतीजे का इंतजार करें। - मोहित शर्मा
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मैं एसएससी की परीक्षा के लिए कई वर्षों से तैयारी कर रही हूं लेकिन कई सालों तक परीक्षा ही नहीं होती तो नियुक्ति प्रक्रिया में समय लग जाता। - रविकांत शर्मा
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रेलवे की 2014 के बाद चार साल तक भर्तियां नहीं आई, जब आईं तो दो साल तक परीक्षा नहीं, अब परीक्षाओं की मेरी उम्र सीमा ही निकल गई। - योगेश मिश्रा
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पुलिस की भर्ती के लिए लगातार दौड़ की प्रैक्टिस कर रहा हूं लेकिन पेपर बार-बार टल जाता है, इसके अलावा अन्य परीक्षाओं के भी यही हाल हैं। - किशन कुमार
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परीणामों के देरी से आने की वजह से परिवार और रिश्तेदारों के बीच जाने में संकोच होता है, कई बार पास होने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं आते। - गौरव शाक्या
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परीक्षाओं की नियुक्ति और परीक्षाओं के नतीजों से परेशान परीक्षार्थी मानसिक तनाव के शिकार हैं। एंजाइटी, ओवर थिंकिंग से ग्रसित अभ्यर्थी कई बार खुद को नुकसान पहुंचाने का भी सोच लेते हैं। घरवाले सकारात्मक रवैया रखें और अभ्यर्थी निराश न हों, अपने को किसी न किसी अच्छे काम में व्यस्त रखें। - डॉ जाफरीन, मनोचिकित्सक